अधिकारियों को कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के दिए निर्देश

मीडिया हाउस लखनऊ – उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर औद्यानिक विकास कार्यक्रमों एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश में औद्यानिक विकास को गति देने तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने के लिए विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
उद्यान मंत्री ने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन के अंतर्गत उद्यान विभाग के लिए निर्धारित लक्ष्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने हाईटेक नर्सरियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके और औद्यानिक फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि हो।
उन्होंने किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से आलू विकास की नवीन योजनाओं—भामाशाह भाव स्थिरता कोष एवं शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार में छूट—का जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक आलू किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसान समय रहते योजनाओं का लाभ उठा सकें।
उद्यान मंत्री ने प्रदेश के शीतगृहों में भंडारित आलू की समयबद्ध एवं सुचारू निकासी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आलू की निकासी व्यवस्थित ढंग से होने से किसानों को अपने उत्पाद के विपणन के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे तथा उन्हें उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आलू किसानों को बेहतर बाजार एवं अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के लिए अन्य राज्यों में आलू के विपणन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अन्य प्रदेशों के आलू व्यापारियों के साथ यथाशीघ्र सम्मेलन आयोजित कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आलू के लिए नए बाजार विकसित किए जा सकें।
दिनेश प्रताप सिंह ने हाफेड संस्था की कार्यप्रणाली को और अधिक गतिशील एवं लाभकारी बनाने के लिए विषय विशेषज्ञों की सहायता से विस्तृत एवं आधुनिक प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्था की कार्यप्रणाली को बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत किया जाए, जिससे किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था का लाभ मिल सके।
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव (उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग), निदेशक (उद्यान), संयुक्त निदेशक (उद्यान), संयुक्त निदेशक (शाकभाजी), संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।








