मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम पोषण योजना के 3.54 लाख रसोइयों को दिया कैशलेस चिकित्सा सुविधा का तोहफा

मिडिया हाउस लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर स्थित जुपिटर सभागार में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों के सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने रसोइयों का मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह करने, दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख की सामाजिक सुरक्षा सहायता, प्रत्येक रसोइया एवं उसके परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि ₹500 से बढ़ाकर ₹1000 करने की घोषणा की। कार्यक्रम रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की रसोइया बहनों के लिए बड़े उपहार के रूप में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य इंजी. अवनीश कुमार सिंह, रामचंद्र प्रधान, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी सहित विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में रसोइया उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जनपदों से आई रसोइयों को परिधान किट, कैशलेस चिकित्सा कार्ड और बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया। सीतापुर की किरण देवी, लखनऊ की आशा तिवारी, गोरखपुर की सुनीता एवं रेखा देवी, अलीगढ़ की सुदेश देवी व पिंकी देवी, वाराणसी की सरिता देवी, हरदोई की गीता देवी, लखीमपुर खीरी की सीमा सिंह और उन्नाव की खिलाना समेत कई रसोइयों को सम्मानित किया गया। परिधान किट में हेड कवर, ग्लव्स और एप्रन शामिल हैं।

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बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि पीएम पोषण योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य केवल बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि विद्यालयों में बच्चों के बीच सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के करीब 1.42 लाख प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.46 करोड़ छात्र-छात्राओं को मध्यावकाश में गर्म, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिक स्तर पर 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से प्रत्येक सोमवार को मौसमी फल और प्रत्येक बृहस्पतिवार को फल, चिक्की, गुड़, चना अथवा रामदाना के लड्डू का वितरण कर रही है।

मंत्री सिंह ने कहा कि पीएम पोषण योजना में वर्तमान में 3.53 लाख रसोइये कार्यरत हैं, जिनमें करीब 93 प्रतिशत महिलाएं हैं। भारत सरकार की ओर से 10 माह के लिए ₹1,000 प्रतिमाह मानदेय के अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने 2019-20 में ₹500 तथा 2022-23 में ₹500 की वृद्धि की थी। अब इसे बढ़ाकर ₹3,000 किया जा रहा है। रसोइयों को प्रत्येक वर्ष दो ड्रेस के लिए डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जाती है।

रसोइयों को ‘पोषणा फिल्म’ के माध्यम से स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण तथा पाक कला का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। जनपद स्तर पर पाक कला प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया जाता है, जिसमें प्रथम को ₹3,500, द्वितीय को ₹2,500, तृतीय को ₹1,500 और सभी प्रतिभागियों को ₹300 का सांत्वना पुरस्कार दिया जाता है। वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी विकासखंडों में पाक कला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें करीब 22 हजार रसोइयों के प्रतिभाग करने की संभावना है।

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मंत्री सिंह ने बताया कि योजना के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए ‘मां’ अभियान और आईवीआर आधारित दैनिक अनुश्रवण प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। वाराणसी और गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीय किचेन के माध्यम से गर्म भोजन की व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चे ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगे।

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