सलाईबनवा में न्यूज कवरेज व फोटो खींचने पर पत्रकारों से विवाद.! पत्रकारों ने दी चोपन थाने में तहरीर.!

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 27ता.सोनभद्र-चोपन थाने के अंतर्गत में सलाईबनवा रेलवे स्टेशन स्थिति कोयले की हेरा फेरी व कालाबाजारी के मामले को लेकर न्यूज कवरेज करने गए चोपन के चार पत्रकारों पर कोयले की निगरानी में लगे तथाकथित लोगों द्वारा फोटो खींचे जाने को लेकर विवाद किये जाने से पत्रकारों में भय व आक्रोश व्याप्त है। पत्रकारों द्वारा चोपन थाने में लिखित सूचना देकर तत्काल कार्रवाई की मांग प्रशासन से की।

ज्ञात हो कि तीन दिन पूर्व सलाईबनवा रेलवे स्टेशन स्थित जिला प्रशासन द्वारा कोयले की कालाबाजारी और मिलावटी कोयले के धन्धें व परिवहन को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए 17 वाहनों को सीज कर दिया था। उक्त मामले को लेकर चोपन के चार पत्रकारों द्वारा न्यूज़ कवरेज करने के लिए सलाईबनवा स्टेशन स्थित पहुंच कर कोयले के स्टॉक का फोटो वीडियो लेने लगे.! जैसे ही वीडियो फोटो लेते हुए लोगों ने देखा मौके पर पहुंचकर लोगों ने फोटो लेने से मना करते हुए गाली गलौज हाथाबाही करते हुए धक्का देते हुए मोबाइल छीनने लगे विवाद को बढ़ता देख किसी तरह रेलवे स्टेशन परिसर से निकले और चोपन की तरफ आने लगे तब भी उन लोगों ने गाड़ियां रुकवाते  हुए पथराव करने लगे।
सत्यदेव पांडेय ने बताया कि हमले की लिखित सूचना चोपन थाने में दे दी गई है। जबकि सलाईबनवा रेलवे स्टेशन परिसर में हुए हमले के मामले की शिकायत रेलवे प्रशासन से की गई तो उन्होंने मामले से ही पल्ला झाड़ लिया। पत्रकार सत्यदेव पाण्डेय, अगलेश सोनकर, कागेश्वर विश्वकर्मा, प्रमोद कुमार ने चोपन थाने में शिकायती पत्र देते हुए हमला करने व गाली गलौज करने वाले, न्यूज कवरेज के दौरान रोके जाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से शख्त कार्रवाई की मांग की।

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पत्रकारों के लिए न्यूज़ कवरेज करना खतरे से खाली नहीं है.!  मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकारों पर हमला करने वाले व उत्पीड़न करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फरमान जारी किए जाने के बाद भी पत्रकारों के ऊपर हमला होना, न्यूज कवरेज में बाधा पहुंचा जाना गंभीर चिंता का विषय है.! शासन प्रशासन द्वारा पत्रकारों का उत्पीड़न शोषण करने वालों के खिलाफ अगर सख्त कार्रवाई नहीं की गई.! यही स्थिति बनी रही तो कभी भी पत्रकारों की हत्या तक हो सकती है.!

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