लू (हीट स्ट्रोक) से बचाव हेतु जनहित में जिला प्रशासन ने की एडवाइजरी जारी

Media House सोनभद्र-अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला ने अवगत कराया है कि जनपद में विगत दिनों में तापमान 40 डीग्री से 42 डीग्री के आस पास दर्ज किया जा रहा है, जो कि अत्यधिक गर्मी को प्रदर्शित करता है और आने वाले दिनों में तापमान बढ़कर 45 डीग्री पहुँचने का अनुमान है। शरीर में पानी/नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है।
इसके क्रम में लू (हीट स्ट्रोक) गर्म हवाओं से बचने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश निम्नवत हैं- लू (हीट स्ट्रोक) के लक्षण। गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना। तेज पल्स होना। उथले श्वास गति में तेजी। व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिती।सिरदर्द, मितली, थकान, और कमजोरी होना, चक्कर आना। मूत्र न होना अथवा इसमें कमी। लू (हीट स्ट्रोक) से बचने के उपाय। क्या करें स्थानिय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें। आपात स्थिती से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। अधिक से अधिक पानी पियें। यदि प्यास न लगी हो तब भी। हल्के रगं के पसीना शोषित करने वाले हल्के वस्त्र पहने। धूप के चश्मे, छाता, गमछा, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। अगर आप खुले में कार्य करते हैं तो सिर, चेहरा, हाथ पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें तथा छाता का प्रयोग करें। दोपहर में घर से निकलते समय शरीर के अंगों को अधिक से अधिक ढककर रखें।
सूती व खादी वस्त्र पहनें। यात्रा करते समय पीने का पानी साथ ले जाएं। घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड़), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें, जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके। अपने घर को ठण्डा रखें, पर्दे, दरवाजे आदि का उपयोग करें तथा शाम/रात के समय घर तथा कमरों को ठण्डा करने हेतु इसे खोल दें। पंखे, गीले कपड़ों का उपयोग करें तथा बारम्बार स्नान करें। कार्य स्थल पर ठण्डे पीने का पानी रखें/उपलब्ध करायें। कर्मियों को सीधी सूर्य की रोशनी से बचने हेतु सावधान करें। गर्भस्थ महिला कर्मियों तथा रोगग्रस्त कर्मियों पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए। दोपहर 12 से 4 बजे घर के अंदर रहें। पशुओं को छाया में रखें व ताजा पानी दें। क्या न करें। गहरे रंग के भारी तथा तंग कपड़े न पहनें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें। एल्कोहल, चाय व कॉफी से परहेज करें। बासी खाने से परहेज करें। जानवर एवं बच्चों को कभी भी बन्द/खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें। दोपहर में अतिरिक्त शारीरिक श्रम न करें। वाहनों को धूप में खड़ा न करें। धूप में नगें पॉव न रहें।










