कैप्टन स्मित की जान पर दो बार आया खतरा, सिर में फ्रैक्चर के बाद डॉक्टर ने बताई चोट की गंभीरता

 नई दिल्ली
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने विमान के कॉकपिट में हुए हमले के दौरान मौत को मात दी थी. उनके ओमानी को-पायलट ने इमरजेंसी कुल्हाड़ी से उनके सिर पर कई वार किए थे. हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और सिर की हड्डी टूट गई. अब सामने आई तस्वीरों में उनके सिर पर सर्जरी के लंबे निशान और स्टेपल दिखाई दे रहे हैं. इन तस्वीरों को देखने के बाद न्यूरोसर्जनों ने बताया है कि उनकी चोट कितनी गंभीर थी और ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने किस तरह का खतरा था। 

27 अक्टूबर को अबू धाबी में आयोजित एक समारोह में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मछार और उनके क्रू को फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II से सम्मानित किया था. इसी समारोह के दौरान उनके सिर पर लगी चोटों की तस्वीरें सामने आईं। 

सिर की चोट के पास थी दिमाग की बड़ी नस
अमेरिका के न्यूरोसर्जन डॉ. सनत दीक्षित ने बताया कि स्मित के सिर में गंभीर चोट लगी थी. उनके मुताबिक, सबसे बड़ा खतरा सिर्फ सिर की हड्डी टूटने से नहीं, बल्कि उसके नीचे मौजूद दिमाग की एक बड़ी नस को नुकसान पहुंचने से था. यह नस दिमाग से खून को बाहर ले जाने का काम करती है. अगर इसमें चोट लग जाए, तो बहुत ज्यादा खून बह सकता है। 

डॉ. दीक्षित के मुताबिक, इस तरह की गंभीर चोटों में मौत या स्थायी दिव्यांगता का खतरा 40 फीसदी से ज्यादा हो सकता है. हालांकि, यह आंकड़ा ऐसी चोटों से जुड़े सामान्य जोखिम को बताता है, न कि स्मित के मामले में उनके व्यक्तिगत खतरे को। 

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ऑपरेशन के दौरान एक मिनट में बह सकता था 2 लीटर खून
डॉ. दीक्षित ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सिर की टूटी हुई हड्डी के टुकड़े को हटाना बेहद जोखिम भरा हो सकता था. हड्डी का टुकड़ा चोटिल नस पर दबाव डालकर कुछ समय तक खून बहने से रोक सकता है. लेकिन जब डॉक्टर उसे हटाते हैं, तो नस खुलने से अचानक तेज रक्तस्राव शुरू हो सकता है. ऐसी स्थिति में एक मिनट के भीतर दो लीटर तक खून बहने का खतरा हो सकता था। 

ऑस्ट्रेलिया के न्यूरोसर्जन डॉ. सोनू भास्कर ने तस्वीरों में दिख रहे निशानों को गंभीर चोट और कम से कम दो बड़ी सर्जरी का संकेत बताया. उनके मुताबिक, दिमाग में सूजन का दबाव कम करने के लिए सिर की हड्डी का एक बड़ा हिस्सा हटाना पड़ा हो सकता है. बाद में उसे वापस लगाने के लिए एक और ऑपरेशन किया गया हो सकता है. यह तस्वीरों के आधार पर उनका आकलन था। 

ऐसे बची पायलट की जान
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में स्मित पर हमला हुआ था. उनके को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर प्रार्थना करने के बहाने उठने के बाद उन पर कुल्हाड़ी से वार किए. स्मित की नजर धुंधली हो गई और वह बेहोश हो गए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया। 

विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया. विमान में सफर कर रहे डॉ. शोता मुसाएव ने करीब 45 मिनट तक स्मित के घावों पर दबाव डालकर खून रोकने की कोशिश की. इसके बाद सऊदी अरब में उनकी इमरजेंसी सर्जरी हुई और आगे के इलाज के लिए उन्हें UAE ले जाया गया. उनकी रिकवरी उत्साहजनक बताई गई है, लेकिन वह दोबारा विमान उड़ा सकेंगे या नहीं, इसका फैसला मेडिकल जांच के बाद ही होगा। 

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