आकाशीय बिजली से बचाव हेतु जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना रहती है। आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, जिससे प्रत्येक वर्ष अनेक लोगों एवं पशुओं की असमय मृत्यु तथा संपत्ति की क्षति होती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

जनपदवासियों से अनुरोध है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (प्डक्) द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनियों पर नियमित रूप से ध्यान दें। यदि गरज-चमक के साथ वर्षा या आकाशीय बिजली की संभावना हो, तो अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा सुरक्षित भवन के अंदर ही रहें।

यदि खुले स्थान पर हों और मौसम अचानक खराब हो जाए, तो तत्काल किसी पक्के भवन या बंद वाहन में शरण लें। किसी भी परिस्थिति में पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों, टावरों, खुले मैदान, पहाड़ी क्षेत्रों, जलाशयों, नदियों, तालाबों या धातु की वस्तुओं के समीप खड़े न हों। खेतों में कार्य कर रहे किसान, चरवाहे एवं मजदूर मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ।

यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए, तो घबराएँ नहीं। पीड़ित को तुरंत सुरक्षित स्थान पर लाएँ, तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल में पहुँचाएँ। आकाशीय बिजली से प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है, इसलिए बिना किसी भय के उसकी सहायता करें।

क्या करें

– मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
– गरज-चमक शुरू होते ही पक्के भवन या बंद वाहन में शरण लें।
– खेतों, खुले मैदानों एवं जलाशयों से तुरंत दूर हो जाएँ।
– बिजली कड़कने के समय विद्युत उपकरणों का उपयोग सीमित रखें।
– आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
क्या न करें
– पेड़ के नीचे आश्रय न लें।
– खुले मैदान, छत, पहाड़ी या नदी-तालाब के किनारे न रुकें।
– बिजली के खंभों, टावरों, तारों या धातु की वस्तुओं को न छुएँ।
– गरज-चमक के दौरान खेतों में कार्य जारी न रखें।
– अफवाहों या अंधविश्वास पर विश्वास न करें।

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जिला प्रशासन सभी नागरिकों से अपील करता है कि आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव केवल सतर्कता, समय पर चेतावनी की जानकारी तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने से ही संभव है। स्वयं सुरक्षित रहें, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। थोड़ी-सी सावधानी अमूल्य जीवन की रक्षा कर सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।’’

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