जमीन की जमाबंदी जुड़ेगी आधार और मोबाइल से, नहीं चलेगी हेरा फेरी

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 29ता.पटना (बिहार)। सरकार जमीन की जमाबंदी को रैयतों के आधार कार्ड एवं मोबाइल से जोड़ने के लिए अभियान शुरू कर दी है । सभी जमाबंदी आधार और मोबाइल से जुड़ जाए तो जमीन के मामले में होने वाली हेरा-फेरी समाप्त हो जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सोमवार को यहां बुलाई गई एडीएम की बैठक में यह जानकारी दी गई। बताया गया है की नई व्यवस्था से जमाबंदी में होने वाले किसी भी परिवर्तन की सूचना एसएमएम के माध्यम से रैयतों को मिल जाएगी। यह बैंकों से राशि निकालने पर मिलने वाली मैसेज यानी सूचना की तरह होगी। बैठक में आधार सीडिंग की समीक्षा की गई। इस समय सभी जिलों में खतियान और जमाबंदी पंजी की स्कैनिंग और इंडेक्सिंग हो रही है। 180 अंचलों में जमाबंदी पंजी का डिजिटाइजेशन हो रहा है। 30 सितंबर तक सभी जिलों में खतियान की स्कैनिंग का लक्ष्य दिया गया है। अगले 3 महीने में सभी अंचलों की पंजी-2 की स्कैनिंग का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटाइज्ड दस्तावेजों के ऑनलाइन होते ही रैयत घर बैठे इन्हें देख सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि नवसृजित जिलों के दस्तावेज पूर्ववर्ती जिले में है। सीतामढ़ी के दस्तावेज मुजफ्फरपुर में है। ब्रजेश मेहरोत्रा ने सभी एमडीएम को निर्देश दिया है की स्कैनिंग वाले अभिलेखागारों कि सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।








