कर्नाटक भाजपा ने वक्फ बोर्ड में अनियमितताओं की ईडी और सीबीआई से जांच कराने की मांग की

बेंगलुरु, 2 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा की कर्नाटक इकाई ने वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।

बेंगलुरु में भाजपा कार्यालय में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी के विधायक सी.एन. अश्वथ नारायण ने कहा कि भाजपा 4 नवंबर को राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेगी, जिसमें 1974 की वक्फ संपत्ति राजपत्र अधिसूचना को वापस लेने और सत्ता के कथित दुरुपयोग की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी।

उन्होंने आर्थिक लाभ के लिए कर्नाटक वक्फ बोर्ड में कथित तौर पर झूठे रिकॉर्ड तैयार करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में बनाए गए रिकॉर्ड का इस्तेमाल अब अल्पसंख्यक तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए किया जा रहा है।

भाजपा मांग कर रही है कि इस अधिनियम के तहत बनाए गए सभी रिकॉर्डों की जांच सीबीआई से कराई जाए। अश्वथ नारायण ने कहा, “किसान, मठ और हिंदू मंदिर कथित तौर पर वक्फ अधिनियम के दुरुपयोग के बारे में चिंतित हैं, जिसे मूल रूप से कांग्रेस ने अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए लागू किया था।”

भाजपा नेता ने कहा कि इससे किसानों में यह भय पैदा हो गया है कि वे अपनी जमीन खो देंगे। उन्होंने कहा कि केवल नोटिस वापस लेना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि किसानों के नाम संपत्ति रिकॉर्ड में बहाल किए जाएं और 1974 की राजपत्र अधिसूचना को निरस्त किया जाए।

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस के वादे या गारंटियां अव्यावहारिक हैं, जिसे कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया है। अशोक ने दावा किया कि कांग्रेस को ऐसी गारंटी की घोषणा करने से पहले बजट की समीक्षा करनी चाहिए थी। कई कांग्रेस विधायक स्वयं विकास की कमी पर सवाल उठा रहे हैं।

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अशोक ने कर्नाटक, विशेषकर बेंगलुरु में सड़कों की स्थिति की आलोचना की, जहां हर सड़क पर गड्ढे हैं।

–आईएएनएस

एफजेड/एकेजे

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