सोनभद्र-प्रदूषण की गंभीर समस्या-मुख्यमंत्री आए या जाये, प्लांट संचालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ता, राज्यमंत्री जिलाधिकारी के रोक का आदेश बेअसर.!

प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर राज्य मंत्री ने चार साल पूर्व बयान देते हुए गंभीर बताया था और मुख्यमंत्री से शिकायत किए जाने की बात कही थी। बावजूद उसके प्रदूषण पर आज तक रोक नहीं लग पाया आखिर ऐसा क्यों.!
– प्रदूषण विभाग सोनभद्र के अधिकारियों कार्यशैली संदिग्ध.!
– मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जनता में हलचल हुई तेज.!
– काहे का नियम कानून, सब चलता है यही तो फील्ड का धंधा है.!
– 250 क्रशर प्लांटों में एक भी प्लांट नियम के अनुरूप नहीं चलता.!
– सब सेटिंग है, 2 दिन के लिए बंद होगा फिर चालू हो जाएगा.!
– बिना पानी छिड़काव व फुहारा के संचालित हो रहे हैं क्रशर प्लांट.!
– जांच टीम के आते ही बंद कर दो, जाते ही चालू कर दो.!
वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला का नजारा.!
Media House सोनभद्र/लखनऊ-मुख्यमंत्री चोपन आए या जाएं प्रदूषण की गंभीर समस्या पर सब मौन है, अधिकारी मंत्री विधायक क्या नहीं जानते कि राज्यमंत्री का आवास व कार्यालय भी स्थित है फिर भी भयंकर प्रदूषण हो रहा है.! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चोपन सोनभद्र दौरे को लेकर जहां एक तरफ अधिकारियों में हलचल मचा हुआ है.!
वहीं दूसरी तरफ लोगों में चर्चा का विषय बन गया है कि विगत लगभग तीन-चार वर्षो से बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के बारी डाला ओबरा बिल्ली कोठा टोला लंगड़ा मोड व आसपास के क्षेत्र में संचलित क्रशर प्लांटों के भयंकर प्रदूषण से क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी हुई है। प्रदूषण की समस्या को लेकर कई बार जांच टीम आती है और चली जाती है। कई बार स्थानीय जनता ने ज्ञापन दिया व मांग किया कि क्रशर प्लांटों से फैल रहे भयंकर प्रदूषण पर तत्काल सख्त रोक लगे, आसपास के क्षेत्र की सड़कों की रेगुलर साफ सफाई व पानी का रेगुलर छिड़काव हो, प्रदूषण विभाग के समस्त मानकों को पूर्ण कर प्लांटों का संचालन हो.? जो प्लांट संचालक मानक पूर्ण न करें, प्रदूषण फलाएं एवं रोकथाम हेतु सख्त पहल न करें, जनता के स्वास्थ्य व जीवन के साथ खिलवाड़ करें ऐसे प्लांट संचालकों को चिन्हित कर बड़े पैमाने पर जुर्माना लगाते हुए सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई प्रशासन करें।
https://mediahousepress.com/action-on-stirring-2-in-team-businessmen-to-investigate-the-standards-and-documents-of-crusher-plants/
ज्ञात हो कि विगत महा पुर्व जिलाधिकारी के आदेश अधिकारियों की आठ सदस्यीय जांच समिति (उपजिलाधिकारी ओबरा, उपायुक्त वाणिज्यकर सोनभद्र, भूवैज्ञानिक/प्रभारी अधिकारी सोनभद्र, अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग ओबरा, जिला उद्योग अधिकारी सोनभद्र, क्षेत्रीय अधिकारी उ.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनभद्र, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सोनभद्र, खान निरीक्षक /सर्वेक्षक सोनभद्र) द्वारा लगभग 250 क्रशर प्लांटों के मानकों की जांच की सख्त आदेश, निर्देश दिया, जांच के दौरान अधिकतर प्लांट बंद रहे.! कुछ प्लांटों पर कार्रवाई भी हुई, जांच टीम की माने तो सायं 5:00 से 10:00 बजे रात्रि तक बंदी का सख्त आदेश है। उसके बाद समस्त प्लांट संचालक नियमानुसार प्लांटों का संचालन करें, संचालन के दौरान प्लांटों एवं सड़कों पर रेगुलर पानी का छिड़काव करें, स्पिंगलर द्वारा पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है ताकि धूल डस्ट न उठे, स्थानीय जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, अगर प्लांट संचालक नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उक्त प्लांट को सीज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.!
के सख्त आदेश निर्देश के बाद भी खुलेआम क्रशर प्लांट संचालकों द्वारा सभी नियम कानून को ताख पर रख कर बिना पानी के प्लांटों का खुलेआम संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों के आने की सूचना पर प्लांट को बंद कर दिया जाता है और जाने के उपरांत पुनः शुरू हो जाता है.! यह धंधा विगत कई वर्षों से चला रहा है जिससे विभागीय अधिकारियों एवं जांच टीम की भूमिका संदिग्ध हो जाती है कि आखिर प्रदूषण पर नियंत्रण क्यों नहीं लग पा रहा है.! जबकि सभी अधिकारी मंत्री नेता वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला से दिन रात गुजरते हैं। राज्य मंत्री संजीव कुमार गोड़ का आवास/कार्यालय भी स्थिति है, समस्याओं से पूरी तरह से अवगत है फिर भी मौन हैं आखिर ऐसा क्यों.? जो गंभीर चिंता का विषय है चर्चा है कि प्रत्येक माह खनन क्षेत्र से खनन क्षेत्र के विकास के नाम पर करोड़ों रुपए की धनराशि जिला खनिज निधि फाउंडेशन में जमा कराई जाती है फिर भी खनन क्षेत्र के आसपास की स्थिति दैनीय है।
नजारा क्षेत्र का भमण कर आप अपनी आंखों से देख सकते हैं कि क्षेत्र का कितना विकास हुआ है.! पर्यावरण प्रदूषण के रोकथाम के नाम पर कितनी कार्रवाई हो रही है.! मुख्यमंत्री को प्रदूषण व क्षेत्र के विकास के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कर दोषी अधिकारियों के ऊपर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि क्षेत्र की जनता अमन चैन के साथ पर्यावरण प्रदूषण मुक्त वातावरण मे अपना जीवन यापन कर सके.!
सोनभद्र प्रदूषण के मामले को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मामले को गंभीरता से ले.!
सोनभद्र-प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर बार-बार क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को अवगत कराए जाने के बाद भी क्रशर प्लांटों के प्रदूषण पर न तो नियंत्रण लगा रहा है, न ही रोक लग रहा है.! पुनः क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी आर के सिंह को अवगत कराया गया तो कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले, बिना पानी के संचालित क्रशर प्लांट की सूची बनाई जा रही है जल्द ही उक्त क्रशर प्लांटों पर कार्रवाई की जाएगी.! स्थानीय जनता की माने तो उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मामले को गंभीरता से ले।
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