पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया के छात्रों ने अविष्कार ग्रैंड फिनाले में सांत्वना पुरस्कार जीता

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी बोकारो/गोमिया : पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया के नवोन्मेषी छात्र अनमोल शुभम, प्रत्युष झा और प्रद्युम्न सिन्हा ने सफलता के परचम लहराया है। जिनके प्रोजेक्ट बच्चों की आँखों की सुरक्षा के लिए स्मार्ट टीवी ने बीते 5 व 6 दिसंबर 2025 को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित झारखंड स्कूल इनोवेशन चैलेंज (जेएचएसआईसी) 2025 – आविष्कार ग्रैंड फ़िनाले में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।झारखंड के प्रतिभाशाली छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए टीम ने प्रोटोटाइप प्रस्तुति दौर में असाधारण रचनात्मकता और वैज्ञानिक समझ का प्रदर्शन किया। उनके प्रोजेक्ट ने बच्चों के आँखों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से एक विचारशील तकनीकी समाधान प्रस्तुत किया। जिसने नवाचार और सामाजिक प्रभाव दोनों के लिए जजों और उपस्थित लोगों से प्रशंसा अर्जित की। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के नरेश वशिष्ठ सेंटर फॉर टिंकरिंग एंड इनोवेशन (एनभीसीटीआई) द्वारा आयोजित जेएचएसआईसी में कई चयन चरण शामिल थे। जहाँ स्कूलों ने जूनियर और सीनियर श्रेणियों में अपनी प्रविष्टियाँ जमा की। मूल्यांकन कई बिंदुओं पर केंद्रित था। नवाचार और मौलिकता, वैज्ञानिक और व्यावहारिक प्रासंगिकता, व्यवहार्यता और व्यावसायीकरण क्षमता वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर प्रभाव, राज्य भर के कई भाग लेने वाले स्कूलों के बीच अलग पहचान बनाते हुए, पिट्स मॉडर्न स्कूल की प्रविष्टि प्रतिष्ठित ग्रैंड फ़िनाले तक पहुँची। शैक्षणिक वर्ष 2025 में पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया के प्राचार्य दूरदर्शी नेतृत्व में रोबोटिक्स कक्षाएं शुरू की। इस पहल ने छात्रों के बीच जिज्ञासा और व्यावहारिक शिक्षा को सफलतापूर्वक पोषित किया है। इन सत्रों से पैदा हुआ एक प्रोजेक्ट पहली बार राज्य-स्तरीय ग्रैंड फ़िनाले तक पहुंचा और साथ ही सांत्वना पुरस्कार भी जीता। जो वैज्ञानिक उत्कृष्टता की दिशा में स्कूल की यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। छात्रों ने अपने मेंटर्स के साथ आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया। जिसमें उन्होंने इंटरैक्टिव सत्रों, प्रस्तुतियों और नवाचार प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। वापस लौटने पर विद्यालय के प्राचार्य और गोमिया स्कूल सोसाइटी के उपाध्यक्ष द्वारा उनका अभिनंदन किया गया, और उनकी उपलब्धि के सम्मान में उन्हें पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय के प्राचार्य बृजमोहन लाल दास ने कहा कि नवाचार की शुरुआत जिज्ञासा और साहस से होती है। हमारे छात्रों ने साबित कर दिया है कि रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं है। हमें उनकी उपलब्धि पर बहुत गर्व है। गोमिया स्कूल सोसाइटी के उपाध्यक्ष, अरिंदम दासगुप्ता ने कहा कि ऐसी उपलब्धियां हमारे संस्थान के प्रगतिशील अकादमिक माहौल को दर्शाती हैं। हम टीम को बधाई देते हैं और उनके आगे की सफलता की कामना करते हैं।आईईपीएल (ओरिका) गोमिया के एम.सी.एम. अभिषेक विश्वास ने कहा कि यह पुरस्कार न केवल स्कूल बल्कि पूरे गोमिया समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। नवाचार की यह भावना आगे भी फलती-फूलती रहे।










