रीगा चीनी मिल चलने का श्रेय किसानो तथा किसान आन्दोलन को

मीडिया हाऊस न्यूज एजेंसी 7ता.रीगा(सीतामढ़ी )। रीगा चीनी मिल के चौथे निविदा की सफलता के आलोक में संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा की जिला कार्यसमिति तथा आमंत्रित किसानो की बैठक मोर्चा कार्यालय में जिलाध्यक्ष जलंधर यदुबंशी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें रीगा चीनी मिल की वर्तमान स्थिति पर संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा,उतर बिहार केअध्यक्ष डा आनन्द किशोर ने प्रकाश डाला तथा कहा कि गन्ना विकास विभाग,बिहार के वरिष्ठअधिकारी के अनुसार निरानी सुगर्स लि.की निविदा स्वीकृत हुई है क्योंकि एकमात्र निरानी सुगर्स ने हीं सुरक्षित राशि जमा की है।अब एन सी एल टी, कोलकाता द्वारा एक सप्ताह के अंदर निविदा की पूरी राशि जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी।डा किशोर ने कहा कि मिल चलने की उम्मीद से किसानो में खुशी है,चीनी मिल के साथअन्य उद्योगों का विस्तार हो तथा रोजी-रोजगार बढे,क्षेत्र के लोग यही उम्मीद करतें हैं।
विभागीय अधिकारी के अनुसार दिसम्बर में मिल चलने की संभावना है।निरानी सुगर्स का चीनी मिल चलाने का पुराना अनुभव है जो सकारात्मक पक्ष है।
इधर निविदा खुलने के पहले से हीं विभिन्न लोगों तथा धानुका के कुछ चहेतेअधैर्य होकर श्रेय लेने तथा नये मिल मालिक पर प्रभाव बनाने को वेताव है ऐसे तत्वों से नये प्रबंधन को सावधान रहना चाहिए।
संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा तथा संयुक्त किसान मोर्चा का मानना है कि मिल चलता है तो इसका श्रेय किसानों को गांव से जिला मुख्यालय तथा समाहरणालय तक उनके अनवरत संघर्ष को जाता है साथ हीं मोर्चा की लगातार मांगों तथा विधान सभा के सवालों के आलोक में मुख्य मंत्री की पहल तथा विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों का प्रयास भी महत्वपूर्ण है।
मिल बंदी के बाद मोर्चा ने सी एम तथा विभागीय अधिकारियों को हर माह पत्र लिखा,मेल किया,जिला के सांसदों,विधायकों तथा विधान पार्षद को पत्र लिखा कि सामूहिक रुप से सी एम से मिलकर प्रयास करें,सदन मे सवाल उठायें कि किसी तरह रीगा मिल चल जाए तथा किसान- कामगारों का जीवन बंच जाए।मोर्चा के सभी घटक किसान संगठनों तथा सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के संयुक्त हस्ताक्षर से भी सी एम को पत्र तथा त्राहिमाम संदेश भेजा गया।संयुक्त किसान मोर्चा के तीन दिनो के पटना किसान महापडाव तथा बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा के मार्फत भी सी एम पर दबाव बनाया गया।
इतना हीं नहीं मोर्चा नेताओं ने केसी सी तथा गन्नामूल्य के बकाये के भुगतान की मांग पर किसान नेता योगेन्द्र यादव के नेतृत्व मे बिहार सरकार तथा पटना उंच्च न्यायालय में मामला दर्ज कराया विवश होकर ईखायुक्त ने धानुका पर केसीसी घोटाले में प्राथमिकी दर्ज कराया तथा मोर्चा नेताओं के दर्ज वयानों पर धानुका का स्थानीय कोर्ट से जमानत रद्द हुआ तथा उच्चन्यायालय से जमानत पाकर धानुका सीतामढी न्यायालयआता-जाता है। मोर्चा मिल चलाने वाले निरानी सुगर्स प्रबंधन को सहयोग देने के साथ गन्ना खेती के विस्तार तथा किसान-कामगारों के साथ हर समय खडा रहेगा।
बैठक मे किसान सभा के सचिव जयप्रकाश राय,जय किसान आन्दोलन तथा मोर्चा के नेता हृषिकेष तथा संजय कुमार,मोर्चा नेता योगेन्द्र यादव,रामसागर ठाकुर, शशिधर शर्मा,चन्द्रदेव मंडल,अमरेन्द्र राय,अवधेश यादव,अश्विनी मिश्रा,मदनमोहन ठाकुर सहित सभी किसान नेताओं ने अपना विचार व्यक्त करते हुए मिल परिचालन के निरानी सुगर्स की घोषणा पर खुशी जाहिर की।

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