जिलाधिकारी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय दूधी का किया औचक निरीक्षण

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी12ता.सोनभद्र-जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज व पं दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय दूधी का औचक निरीक्षण किया, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दुधी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल के छात्राओं को बैठने की व्यवस्था व शिक्षा व्यवस्था के संबंध में प्रभारी प्रधानाचार्य से जायजा लेते हुए जानकारी प्राप्त की और उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालय परिसर में साफ सफाई के साथ ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के लैब का निरीक्षण किया, निर्माणाधीन लैब कार्य की गुणवत्ता बेहतर नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कालेज के काफी दिनों से बंद पड़े प्रयोगशाला का ताला खुलवाकर निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान लैब की साफ सफाई व्यवस्था खराब पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देशित करते हुए कहा कि लैब के सौंदरीकरण हेतु प्रस्ताव बनवाकर प्रस्तुत किया जाए और लैब का सुंदरीकरण कराकर छात्रों के प्रयोग हेतु संचालित किया जाए।
इस दौरान उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देशित करते हुए कहा कि लैब के आस पास झाड़ियों की कटाई कराकर साफ सफाई व्यवस्था बेहतर की जाए। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनाए जा रहे रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को देखा और कहा कि इसका निर्माण कार्य शीघ्र गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के छात्रों से पठन-पाठन के संबंध में सीधा संवाद कर जानकारी ली। इस दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तो मौके पर पाया की प्रधानाचार्य डॉ अवधेश सिंह, पंकज कुमार पांडे भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता, रजनीकांत वर्मा भूगोल के प्रवक्ता, सुनीता एल0टी0 सामाजिक विज्ञान मौके पर उपस्थित नहीं मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने अनुपस्थित प्रधानाचार्य व अध्यापकगण के वेतन भुगतान पर रोक लगाने व स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश संबंधित को दिए। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी संज्ञान में आया कि लिपिक प्रकाश चंद्र द्वारा प्रधानाचार्य के अनुपस्थिति में शिक्षकों के अवकाश प्रार्थना पत्र को स्वीकृत किया जाता है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित लिपिक के विरुद्ध भी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित को दिए। आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण में शिथिलता बरतने पर उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी के विरुद्ध भी पत्राचार करने के निर्देश दिए।

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