महिलाएं डिजिटल दुनिया में तेजी से आगे, इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या छह गुना से ज्यादा बढ़ी

ग्वालियर
चूल्हे-चौके से निकलकर अब जिले की महिलाएं डिजिटल दुनिया में अपनी मजबूत धाक जमा रही हैं। स्मार्टफोन की स्क्रीन पर दुनिया मुट्ठी में करने की ललक इस कदर है कि इंटरनेट के इस्तेमाल में जिले की महिलाओं ने अभूतपूर्व छलांग लगाई है। पिछले महज तीन सालों में इंटरनेट चलाने वाली महिलाओं की संख्या में छह गुना से अधिक का जबर्दस्त इजाफा हुआ है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आधी आबादी के सशक्त, जागरुक और स्मार्ट होने की एक दमदार तस्वीर है, जिसने पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में अशोकनगर को विकास के नए पायदान पर खड़ा कर दिया है। हाल ही में जारी हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के ताजा आंकड़ों ने महिलाओं में आए इस सुखद और क्रांतिकारी बदलाव का खुलासा किया है।

छह गुना बढ़ी रफ्तार, पुरुषों को दे रही हैं टक्कर
सर्वेक्षण के मुताबिक, तीन साल पहले (एनएफएचएस-5 के समय) जिले में मात्र 10.8 प्रतिशत महिलाएं ही इंटरनेट का उपयोग करती थीं। जो अपने आप में एक बेहद चिंताजनक आंकड़ा था। लेकिन अब यह आंकड़ा 57.8 प्रतिशत के ऐतिहासिक उछाल के साथ 68.6 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यानी अब जिले की हर 10 में से करीब 7 महिलाएं इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं। वहीं, पुरुषों की बात करें तो इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले पुरुषों का आंकड़ा तीन साल में 54.6 प्रतिशत से बढक़र 78.2 प्रतिशत हुआ है। आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि वृद्धि की रफ्तार में महिलाओं ने पुरुषों को बहुत पीछे छोड़ दिया है।

पर्सनल स्मार्टफोन रखने में भी दिखा गजब का उत्साह
डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है। वर्ष 2019-21 में जिले में केवल 20.2 प्रतिशत महिलाओं के पास अपना खुद का मोबाइल था, लेकिन मात्र तीन साल में यह संख्या बढक़र अब 36.9 प्रतिशत हो गई है। खुद का मोबाइल होने से महिलाओं की सूचनाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हुई है।

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ग्वालियर-चंबल संभाग में अशोकनगर बना सिरमौर
ग्वालियर व चंबल संभाग के अन्य जिलों की तुलना में अशोकनगर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। संभाग में इंटरनेट उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में तीन साल के भीतर सबसे ज्यादा 57.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी अकेले अशोकनगर में दर्ज की गई है, जो पूरे संभाग में सर्वाधिक है।

क्या कहते हैं आंकड़े
यह बदलाव बताता है कि जिले की महिलाएं अब सूचना, शिक्षा, बैंकिंग और मनोरंजन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं हैं। डिजिटल क्रांति की यह बयार न सिर्फ उन्हें दुनिया से जोड़ रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दे रही है। यह जिले के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।

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