13 मौत के मुंह में समाए: जहां हुआ हादसा, उस गांव की जिंदगी गुजरती है नाव के सहारे

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 15ता.मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी में एक नाव के पलट जाने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी करीब 10 लापता लोगों की तलाश में टीम लगी हुई है। सही अर्थों में गायघाय प्रखंड के मधुरपट्टी गांव के ग्रामीणों की आंखों के सामने एक और नाव हादसे ने कई लोगों को खोया, लेकिन बागमती तट पर बसे इस गांव के रहने वालों की जिंदगी कटाव, बहाव और नाव के सहारे ही गुजरती है।बलौर निधि पंचायत में बागमती नदी के एक तरफ मधुरपट्टी और दूसरी तरफ बलौर भटगामा गांव है। दोनों गांव में ग्रामीण सड़क की बजाय नदी के रास्ते ही आना-जाना करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि हाई स्कूल हो या पंचायत भवन, वहां जाने के लिए सड़क से करीब 8 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। नदी के रास्ते नाव से जाने में यह दूरी कम पड़ती है, जिस कारण लोग नाव के ही सहारे जाते हैं।500 परिवारों वाले इस गांव के रहने वाले अजीत अपना दर्द बयां करते हुए कहते हैं कि इस गांव में जन्म लेने के बाद नाव से ही जिंदगी की शुरुआत होती है। वे कहते हैं कि जब बच्चा गर्भ में पलता है तो मां भी नाव से नदी पार कर अस्पताल तक पहुंचती है। बाजार हो या स्कूल, वहां तक जाने के लिए ग्रामीणों का नाव ही एकमात्र सहारा है। गांव के ही शुभम पासवान कहते हैं कि यह कोई पहली बार नाव हादसा नहीं हुआ है। वे बताते हैं कि हर साल नाव हादसा होता है।








