केंद्रीय प्रत्यक्ष सेवा कर एवं उत्पाद शुल्क ने स्क्रैप से भरे  पकड़ा 6 से 7 ट्रक को,नही है वेव चालान,माइनेज का खेल शुरू।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंन्सी 17ता०बोकारो। केंद्रीय प्रत्यक्ष सेवा कर एवं उत्पाद शुल्क बोकारो प्रमंडल सहायक आयुक्त द्वारा पकड़े गए 6 से 7 ट्रकों का रहस्य एक पहेली बना हुआ है। मिली जानकारी अनुसार जिले के विभिन्न जगहों से पकड़े गए ट्रैकों में भरे स्क्रैप मशीनरी की जांच और कागजात की जांच की जा रही है। इन ट्रको को क्यों पकड़ा गया है और क्या-क्या गड़बड़ियां हैं इसके बारे में अधिकारी अभी कोई भी बयान देने से बच रहे हैं। इन ट्रकों पर मशीनरी और स्क्रैप लदा हुआ है, जिसके कागजातों के बारे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क विभाग को संदेह है। इसी संदेह में इन ट्रकों को पकड़ा गया है और उन्हें सीमा शुल्क कार्यालय सेक्टर 4 के पास सुरक्षा की दृष्टिकोण से रोक कर रखा गया है। इन पर लदे माल का संबंध किसी संगठित आर्थिक अपराध गिरोह से बताया जाता है। फिलहाल ट्रक पकडनेवाले अधिकारी चुपी साधे हुए हैं और प्रेस के सामने बात करने को अपने अधिकृत नहीं होने का हवाला देकर प्रेस से कन्नी काट रहे हैं । उत्पाद शुल्क विभाग के सूत्रों के अनुसार ट्रकों पर लदे करोडो रुपए मूल्य के  सामानों का पर्याप्त कागजात नहीं है और उनके परिवहन के लिए वैद्य रूप से वेव चालान नहीं है।वेब चालान का नहीं होना ही ट्रकों पर लदे कीमती सामानों के बारे में गहरा संदेह पैदा कर रहा है। वैसे ट्रक और ट्रक पर लदे सामानों को लेकर कई तत्व सक्रिय हो गए हैं और ऊपर ही ऊपर इस मामले को मैनेज करने की तैयारी भी चल रही है।फिलहाल ट्रकों का पकड़ा जाना ,उस पर लदे सामानों के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं देना पूरी तरह से पूरे मामले को रहस्यमय और संदिग्ध बना रहा है। वैसे केंद्रीय सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारी जांच करने की बात ऑफ कैमरा बता रहे हैं। फिलहाल स्क्रैप एवं मशीनरी लदे ट्रकों का प्रकरण चर्चा में है। बतातें चलें की बोकारो जिले में कुछ महिने दिनों पूर्व बोकारो का हृदय स्थल कहे जाने वाला नया मोड़ अर्थात बिरसा मोड समीप एक होटल में चल रहे शादी समारोह में मौजूद पुलिस बल की मौजूदगी में चली हर्ष फायरिंग का मामला जिस तरह पहली बनकर रह गया था और पूरा मामला को लीपा पोती कर दिया गया और उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई इसी तरह के इस मामले में भी अभी तक अधिकारियों की मौन व्रत या इस पर पर्दा ना उठना पूरे मामले में रहस्य बना हुआ है। हर्ष फायरिंग के जिस मामले में जिसकी संलिप्ता उभर कर सामने आ रही थी स्क्रैप मामले में भी उक्त व्यक्ति का नाम उभर कर सामने आ रहा है अब देखना है की करोड़ो के इस अवैध स्क्रैप मामले में कार्रवाई हो पाती है या यह मामला भी रहस्य बनकर रह जाएगा। या बोकारो में अभी गत कुछ दिनों से जिस तरह स्क्रैप को लेकर स्क्रैप व्यवसायियों में हड़कंप है उनके माल पर सही कागजात और ऑनलाइन रसीद होने पर भी उनके माल को उक्त लोगों द्वारा जबरन पकडा जा रहा है क्योंकि माल हमें बेचो या फिर अपना गोदाम को बंद कर दो। इस तर्ज पर बोकारो में चल रहे इस खेल में स्क्रैप व्यवसाईयों में रोष व्याप्त है नाम न छापने की  शर्त पर एक स्क्रैप व्यवसायी ने कहा कि जिस तरह हम लोगों को दबाव दिया जा रहा इससे हम जैसे छोटे बिजनेस वाले अब बिजनेस नही कर पाएंगे और ना ही अब हमलोग यहाॅ अब सुरक्षित है। पुलिस और माफिया के दवाब में अब मजबूरन होकर हम लोग अपना धंधा अब बंद करने को मजबूर है। वही मिली सूत्रों के अनुसार माइनेज का खेल मंगलवार की शाम से शुरू हो चुका था और बुधवार की अहले सुबह स्क्रैप और मशीनरी से भरे 2 गाडी को माइनेज कर छोड दिया गया है।

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