लौह पुरुष सरदार वल्लभ – भाई पटेल की मनाई गई जयंती

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 01ता.अवनीश श्रीवास्त मोतिहारी l भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती समारोह पूर्वक एकता दिवस के रूप में चंद्रहिया स्थित नवनिर्मित भाजपा जिला कार्यालय में मनाया गया। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रकाश अस्थाना एवं संचालन वकील सहनी ने की। समारोह में सांसद पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह उपस्थित हुए।समारोह में सर्वप्रथम सरदार पटेल के तैल चित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उक्त अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए सांसद श्री सिंह ने कहा कि सरदार पटेल अपनी बेहतरीन नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताओं के लिए जाने जाते थे। पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार पटेल को भारत का बिस्मार्क भी कहा जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने सभी रियासतों के राजाओं को यह स्पष्ट कर दिया था कि अलग राज्य का उनका सपना असंभव है और भारतीय गणतंत्र का हिस्सा बनने में ही उनकी भलाई है। श्री सिंह ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी बुद्धिमत्ता और राजनैतिक दूरदर्शिता से छोटी रियासतों को संगठित किया। भारत के भौगोलिक एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होने के चलते उनकी जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस ( National Unity Day ) के तौर पर मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लिया। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष में था। उन्होंने 1928 में हुए बारदोली सत्याग्रह में किसान आंदोलन का सफल नेतृत्त्व भी किया। श्री सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि दी थी। यह सरदार पटेल का ही विजन था कि भारतीय प्रशासनिक सेवाएं देश को एक रखने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत बनाने पर काफी जोर दिया। उन्होंने सिविल सेवाओं को स्टील फ्रेम कहा था।उन्होंने कहा कि किसी भी देश का आधार उसकी एकता और अखंडता में निहित होता है और सरदार पटेल देश की एकता के सूत्रधार थे। सरदार पटेल जी का निधन 15 दिसंबर, 1950 को मुंबई में हुआ था। सन 1991 में सरदार पटेल को मरणोपरान्त ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। अंत में श्री सिंह ने कहा कि आज सरदार पटेल की जयंती पर हमें उनके विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। उनके अनुशासित जीवन से सीख लेना चाहिए।उक्त अवसर पर विधायक मोतिहारी पूर्व मंत्री बिहार सरकार प्रमोद कुमार, पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव, रक्सौल जिलाध्यक्ष वरूण सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रकिशोर मिश्र, उप महापौर डॉ० लालबाबू प्रसाद, महामंत्री योगेंद्र प्रसाद, मीडिया प्रभारी गुलरेज शहजाद, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा अब्दुल कलाम, जिला मंत्री विनोद कुमार, दक्षिणी मंडल अध्यक्ष राजू श्रीवास्तव, मैनेजर सिंह, संजय ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।








