राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा

मीडिया हाउस लखनऊ – उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास, सात कालिदास मार्ग, लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय पर भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, समर्पण और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से देश की एकता, अखंडता एवं राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान शिक्षाविद्, कुशल चिंतक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने जिन मूल्यों और आदर्शों के लिए संघर्ष किया, वे आज भी देशवासियों का मार्गदर्शन करते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के संकल्प के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संघर्ष भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश की अखंडता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मानवता के सच्चे उपासक थे। उन्होंने शिक्षा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन हमें राष्ट्र सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कहा कि हम सभी को श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों एवं सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की प्रगति, एकता और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।

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