सहारा इंडिया परिवार के संस्थापक महान राष्ट्रवादी चिंतक थे सहारा सुब्रत राय – संजय ठाकुर

मीडिया हाउस 17ता.अवनीश श्रीवास्तव मोतिहारी। सहारा इंडिया परिवार के संस्थापक और महान राष्ट्रवादी चिंतक सहारा श्री सुब्रत राय सहारा का असामयिक निधन समाज के लिए बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। उक्त विचार अपने शोक संदेश में व्यक्त करते हुए जन सुराज के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय कुमार ठाकुर ने कहा है। श्री ठाकुर ने कहा है कि सहारा श्री के हृदय में भारत वासियों के प्रति गहरा जुड़ाव था और वे सदैव भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटे रहे। उन्होंने सहारा समूह में अनेक कंपनियां स्थापित कर देश के लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया और लाखों परिवारों का जीवन यापन कराते रहें। अपने जीवन में अनेक झंझावातों को झेलते हुए जमीन से आसमान तक का सफर बखूबी तय किया । उन्होंने राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य कभी नहीं भूला जिसका प्रमाण है कि कारगिल युद्ध के शहीद परिवारों को गोद लिया,भुज के भूकंप पीड़ितों को गोद लिया,घर बसाया, बच्चों को शिक्षा दिलाई। सहारा परिवार देश की पहला व्यवसायिक संस्थान है जिसने स्वाधीनता दिवस पन्द्रह अगस्त को भारत पर्व के रूप में मनाने की परंपरा को शुरू किया।‌ सहारा इंडिया मासकम्यूनिकेशन की अलग इकाई गठित कर राष्ट्रीय सहारा हिन्दी दैनिक, उर्दू रोज़नामा, सहारा समय टीवी चैनल आदि की शुरुआत कर जहां मीडिया के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का आन्दोलन खड़ा किया वहीं कला, संस्कृति और फिल्म के क्षेत्र में भी किए गए उनके योगदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। पारा बैंकिंग के माध्यम से लोगों में न केवल बचत डालने की प्रवृत्ति विकसित किया अपितु लाखों बेरोजगारों को रोजगार का अवसर प्रदान कर देश की सेवा की। जन सुराज के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी श्री ठाकुर ने कहा है कि उनके निधन से देश विदेश में सहारा श्री को चाहने वाले हतप्रभ हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज के प्रणेता प्रशांत किशोर समेत सभी जन सुराजी उनके निधन से शोकाकुल है। श्री ठाकुर ने ईश्वर से उनकी आत्मा की चीर शांति हेतु और परिजनों व शुभचिंतकों को इस असह्य पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।

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