नीतीश कुमार का प्रगति यात्रा नहीं बिहार का दुर्गति यात्रा: माकपा

मीडिया हाऊस न्यूज एजेंसी अवनीश श्रीवास्तव
मोतिहारी l विगत दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पूर्वी चंपारण में प्रगति यात्रा के नाम पर जनता से रूबरू ना होकर जनता के सवालों को ना सुनकर कुछ खास लोगों के बीच एवं प्रशासन के घेरे में रहकर सिर्फ शिलान्यास एवं उद्घाटन यह साबित करता है की नीतीश कुमार का यह यात्रा प्रगति यात्रा नहीं, पूरे बिहार का दुर्गति यात्रा है। उक्त बातें भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के राज्य कमिटी सदस्य एवं पूर्वी चंपारण के जिला मंत्री सतेंद्र कुमार मिश्र ने कहीं। वहीं मिश्र ने बताया कि चंपारण के किसान बाढ़ एवं सुखाड़ से प्रभावित है मेहसी एवं सुगौली सहित जिले के सभी इलाकों में किसान तबाही के शिकार हैं। विगत दिनों जिले के कुछ प्रखंडों में भयावह बाढ़ से किसानों का फसल नष्ट हो गया। उक्त प्रखंडों को अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के सवाल पर आंदोलन भी हुई। किंतु उक्त क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित नहीं किया गया तथा किसानों के जो फसल नष्ट हुए उसका मुआवजा भी नहीं दिया गया। इतना ही नहीं भूमि के अभाव में बेघर गरीबों को उन्हीं के द्वारा बनाए गए कानून वासगीत हेतु 5 डिसमिल जमीन एवं बसेरा योजना के तहत आवास निर्माण, मोतिहारी सहित जिले के विभिन्न जगह पर ऑटो एवं ई रिक्शा चालकों के लिए स्टैंड का व्यवस्था करना, अंचलों एवं प्रखंडों सहित विभिन्न कार्यों में बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाना एवं बिहार के विकास हेतु उचित एवं आवश्यक कदम उठाना ही प्रगति है। किंतु उपरोक्त समस्याओं से ग्रसित संपूर्ण बिहार के जनता के साथ बात नहीं करना तथा समस्या का निराकरण नहीं करना दुर्गति है। इसलिए हमारी पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस यात्रा को प्रगति नहीं दुर्गति यात्रा साबित किया है। साथ ही मिश्रा ने यह भी कहा कि जिले में अपराध एवं दारू माफिया का आतंक बड़े पैमाने पर है जिस पर भी सरकार की कोई पहल नहीं है। खाद बीज की काला बाजारी किसानों के आंखों से आंसू बहा रही है इसका यात्रा के दौरान निराकरण होना चाहिए था जो नहीं हुआ।हमारी पार्टी इस पर गंभीरता से विचार करते हुए बैठक कर आंदोलन का रूपरेखा तैयार करेगी।








