आत्म-तत्व का दर्शन व अध्ययन ही स्वाध्याय : उपासिका पटावरी

पर्युषण पर्व के दूसरे दिन तेरापंथ समाज के लोगों ने मनाया स्वाध्याय दिवस
मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चास-बोकारो के तत्वावधान में चास के पुराना कुलदीप टॉकीज कॉम्प्लेक्स स्थित माणकचंद छल्लाणी निवास स्थान में मनाए जा रहे पर्युषण पर्व के दूसरे दिन गुरुवार को आचार्य श्री महाश्रमण जी के आध्यात्मिक निर्देशन में स्वाध्याय दिवस मनाया गया। उपासिका सायर जी कोठारी एवं संगीता जी पटावरी की उपस्थिति में स्वाध्याय दिवस के कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर धर्मसभा में उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए उपासिका संगीता जी पटावरी ने तत्वज्ञान एवं आत्मदर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपनी रसनेंद्रिय पर संयम कर लेता है, तो वह स्वाध्याय में डुबकी लगाने के लिए तैयार हो जाता है। स्वाध्याय यानि स्वयं का अध्ययन करना। आत्म तत्व का दर्शन और स्वयं का अध्ययन ही स्वाध्याय है। निर्जरा तत्व के 12 भेदों में एक प्रकार है स्वाध्याय। जब व्यक्ति धार्मिक क्रियो में रत होता है फिर चाहे वह प्रवचन श्रवण हो धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन हो, या आगमों का अध्ययन हो। स्वाध्याय पांच प्रकार से किया जा सकता है। वाचना, पृच्छना, परिवर्तना,अनुप्रेक्षा और धर्म कथा। तेरापंथ समाज के मीडिया प्रमुख सुरेश बोथरा ने बताया कि पर्युषण पर्व पर प्रवचन-कार्यक्रम में सुबह-शाम श्रावकों की अच्छी उपस्थिति हो रही है। मौके पर शांतिलाल जैन, शशि बोथरा,नीतू बोथरा, सुशील बैद, अंकित, तारा चंद, अंजली, उन्नति सहित बड़ी संख्या में श्रावक मौजूद रहे। पर्युषण पर्व के तीसरे दिन 22 अगस्त को सामायिक दिवस मनाया जाएगा।










