मन और इंद्रियों को वश में कर समता की साधना ही सामयिक : उपासिका कोठारी

पर्युषण पर्व के तीसरे दिन जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज ने मनाया सामयिक दिवस
मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चास-बोकारो की ओर से चास के पुराना कुलदीप टॉकीज कॉम्प्लेक्स स्थित माणकचंद छल्लाणी निवास स्थान में मनाए जा रहे पर्युषण पर्व के तीसरे दिन शुक्रवार को आचार्य श्री महाश्रमण जी के आध्यात्मिक निर्देशन में सामयिक दिवस मनाया गया। इस दिन का उद्देश्य आंतरिक शुद्धि और आत्म-साधना पर जोर देना होता है। पर्युषण पर्व के दौरान जैन समुदाय विशेष रूप से आध्यात्मिक क्रियाओं में संलग्न रहता है और सामयिक दिवस इसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस दौरान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या उपासिका सायरजी कोठारी एवं संगीताजी पटावरी की उपस्थिति में सामयिक के इस विशेष दिन पर जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के दर्जनों लोगों ने सामूहिक रूप से सामयिक की साधना की। अभिनव सामयिक में ध्यान एवं जप के प्रयोग करवाए गए। इस अवसर पर धर्मसभा में उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए उपासिका सायरजी ने सामयिक की महत्ता परिभाषित करते हुए कहा कि मन एवं इंद्रियों को वश में कर समता की साधना करना सामयिक है। सामयिक का शाब्दिक अर्थ है समता में रहना, जो जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया है। यह एक ऐसी साधना है जिसमें व्यक्ति कुछ समय के लिए सांसारिक गतिविधियों से खुद को अलग कर लेता है। इस दौरान वे ध्यान, प्रार्थना, और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं, जिससे मन को शांति मिलती है और आत्म-साधना मजबूत होती है। उपासिका संगीताजी पटावरी मे कहा कि समता को जीवन में उतारना ही सामयिक है। सामायिक समता की शिखर साधना है। परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, कोई भी बात मन के प्रतिकूल है। ऐसे में सामायिक की सिद्धि को सरोकार मिल जाता है। विषमता को मिटाकर समता रूपी लक्ष्य के साथ साधना करने वाले का जीवन सफल, सार्थक, अनुकरणीय व प्रेरणा स्रोत बन जाता है। जिस तरह अगरबत्ती स्वयं जलकर पूरे वातावरण को सुरभित कर देती है, इसी प्रकार सच्ची साधना, आराधना परिवार, समाज व राष्ट्र रूपी भूमंडल को शांति-सहिष्णुता और समभाव की भावना से ओतप्रोत कर सकती है। मौके पर जयचंद बांठिया, ताराचंद, मदन चौरड़िया, शांतिलाल जैन, रेणु चौरड़िया, कनक जैक, शशि बांठिया, किरण पारिख आदि मौजूद रहे। उक्त जानकारी श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चास-बोकारो के मीडिया प्रमुख सुरेश बोथरा ने दी। पर्युषण पर्व के चौथे दिन शनिवार को वाणी संयम दिवस मनाया जाएगा।










