उर्वरक के अंधाधुन्ध प्रयोग-कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक प्रत्येक गाँवो का करेंगें दौरा-जिलाधिकारी

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरक के अंधाधुन्ध प्रयोग को नियत्रित करने, औद्यागिक इकाईयो मे उर्वरको के डाइवर्जन को रोकने तथा उर्वरको के अवैध परिसंचलन तस्करी कालाबाजारी व ओवररेटिंग रोकने के साथ ही मृदा स्वास्थ्य मे अनुकूल परिवर्तन लाने के सम्बन्ध में ‘जिला स्तरीय धरती माता बचाओ अभियान की बैठक की गयी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद मे किसी भी प्रकार उर्वरको का अवैध परिसंचलन, कालाबाजारी, ओवर रेंटिंग एवं तस्करी न होने पायें। इस सम्बन्ध मे क्षेत्रीय अधिकारियो को निर्देश दिये गये कि जनपद मे कही भी उर्वरको का ओवर रेटिंग/कालाबाजारी करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य के अनुकूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से ‘धरती माता बचाओं अभियान’ की जायेगी। जिसके अन्तर्गत त्रिस्तरीय समिति (धरती माता बचाओं समिति) का गठन किया जायेगा, जोकि ग्राम, तहसील एवं जिला स्तर पर कियान्वित होगी। जिसमे ग्राम स्तरीय धरती माता बचाओं निगरानी समिति के अध्यक्ष सम्बन्धित ग्राम प्रधान एवं संयोजक ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी होगें, तहसील स्तरीय धरती माता बचाओं निगरानी समिति के अध्यक्ष सम्बन्धित तहसील के उपजिलाधिकारी एवं सचिव उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी होगें एवं जनपद स्तरीय धरती माता बचाओं निगरानी समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी, एवं सह अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी, होगें।
इस धरती माता बचाओं अभियान के अन्तर्गत मृदा स्वास्थ्य में सत्त सुधार सुनिश्चित करना। रासायनिक उर्वरकों के उचित व संतुलित उपयोग के कारण कृषि लागत में कमी। रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं सस्तुत मात्रा में प्रयोग करने से फसलों की उच्च उत्पादकता प्राप्त होने से कृषकों की आय में वृद्धि। उर्वरकों के गैर कानूनी डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना। रासायनिक उर्वरक में शुद्ध बचत के कारण राज्य को पी०एम० प्रणाम योजना के तहत बड़ा अनुदान मिल सकता है। समिति द्वारा कम से कम 100 स्थानों/गाँवों की पहचान करंेगें, जहा पर रासायनिक उर्वरकों का उपयोग काफी अधिक है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक इन प्रत्येक गाँवो का दौरा करेगें और रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में किसानों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिये ग्राम पंचायत बैठक करेंगें और लोगों को अधिक से अधिक जैविक खेती करने हेतु जागरूक करेंगंे तथा जैविक खेती से होने वाले लाभ के सम्बन्ध में भी जानकारी देंगें। इस मौके पर उप कृषि निदेशक श्री वीरेन्द्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी श्री के0के0 सिंह, ए0आर0को-आपरेटिव श्री देवेन्द्र कुमार सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं कृषक बन्धु उपस्थित रहें।










