खान मंत्रालय ने संवादात्मक कार्यशाला एवं तकनीकी मूल्यांकन सत्रों का आयोजन

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी नई दिल्ली-खान मंत्रालय ने जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं अभिकल्प केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के सहयोग से 29–30 मई 2026 के दौरान जेएनएआरडीडीसी, नागपुर में एस एंड टी–प्रिज़्म 5.0 (स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन) के अंतर्गत दो दिवसीय संवादात्मक कार्यशाला एवं तकनीकी मूल्यांकन सत्रों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यशाला ने स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के नवाचारकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों तथा महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया। एस एंड टी–प्रिज़्म योजना, खान मंत्रालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के तीन प्रमुख घटकों में से एक है। एस एंड टी–प्रिज़्म 5.0 के अंतर्गत मंत्रालय ने महत्वपूर्ण खनिज मूल्य शृंखला के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे अन्वेषण, निष्कर्षण, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण तथा मूल्य संवर्धन प्रौद्योगिकियों से संबंधित नवाचारी प्रस्ताव आमंत्रित किए थे।

कार्यक्रम का उद्घाटन जेएनएआरडीडीसी के निदेशक डॉ. अनुपम अग्निहोत्री तथा खान मंत्रालय के निदेशक श्री सुखदीप सिंह ने किया। अपने संबोधन में श्री सुखदीप सिंह ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए नवाचार एवं प्रौद्योगिकीय विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन पारंपरिक मूल्यांकन प्रक्रिया से आगे बढ़कर एक संवादात्मक कार्यशाला के रूप में आयोजित किया गया है, जिससे स्टार्टअप्स के बीच सहयोग और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिल सके।

एस एंड टी–प्रिज़्म योजना के अंतर्गत पहली बार महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण आदि क्षेत्रों में कार्यरत स्टार्टअप्स के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने हेतु मूल्यांकन प्रक्रिया के साथ संवादात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा-आधारित ढांचे के माध्यम से स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के बीच प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान, विशेषज्ञों के साथ संवाद, रचनात्मक सुझाव तथा अनुभव-साझाकरण को प्रोत्साहित करना है। कार्यशाला के दौरान सी-एमईटी, डीएमआरएल, सीएसआईआर-आईएमएमटी, सीएसआईआर-एनजीआरआई, सीएसआईआर-नीरी आदि संस्थानों के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को तकनीकी सुझाव प्रदान किए तथा मार्गदर्शन भी दिया।

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महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में संभावनाशील प्रौद्योगिकियों की पहचान के लिए नवाचार चुनौतियों और प्रतिस्पर्धा-आधारित मूल्यांकन सत्रों का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से स्टार्टअप्स और एमएसएमई को तकनीकी मूल्यांकन समिति (टीईसी) के विशेषज्ञों के समक्ष अपने नवाचार प्रस्तुत करने तथा मूल्यवान तकनीकी सुझाव प्राप्त करने का अवसर मिला।

प्रभावी तकनीकी मूल्यांकन और विषयगत प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए प्राप्त 31 प्रस्तावों को महत्वपूर्ण खनिज मूल्य शृंखला से संबंधित सात विशिष्ट समूहों में वर्गीकृत किया गया। इन समूहों में अपशिष्ट धाराओं एवं औद्योगिक अवशेषों से महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति, अन्वेषण प्रौद्योगिकियां, निष्कर्षण एवं पृथक्करण प्रक्रियाएं, परिशोधन एवं शुद्धीकरण, तथा मूल्य संवर्धित धातुओं, मिश्रधातुओं और प्रक्रिया उपकरणों के विकास जैसे विषय शामिल थे। इस समूह-आधारित दृष्टिकोण ने समान तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत नवाचारकर्ताओं के बीच केंद्रित मूल्यांकन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और सार्थक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की।

दूसरे दिन का एक प्रमुख आकर्षण ‘सफलता की कहानियां’ सत्र रहा, जिसमें प्रिज़्म योजना के पूर्व लाभार्थियों—अश्विनी रेयर अर्थ प्राइवेट लिमिटेड (पुणे), पॉलीप्रोटिक केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड (वडोदरा), सेलआर्क पावरटेक प्राइवेट लिमिटेड (कटक) तथा रेलिरा ब्लास्टेक एलएलपी (नागपुर)—ने अपनी उद्यमशील यात्रा और योजना के अंतर्गत प्राप्त अनुभव साझा किए। इस दौरान यह रेखांकित किया गया कि प्रिज़्म कार्यक्रम के तहत प्राप्त सहयोग ने उनकी प्रौद्योगिकी विकास, व्यावसायीकरण तथा उद्योग साझेदारियों को गति प्रदान की। उनके अनुभवों ने सहभागी स्टार्टअप्स और एमएसएमई को महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में नवाचार-आधारित सहायता के परिवर्तनकारी प्रभाव की उपयोगी जानकारी और प्रेरणा प्रदान की।

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