शौचालय बनाकर भूला निगम, सफाई होती नहीं, बदबू से बुरा हाल

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 12ता.बेतिया।स्वच्छता के मामले में अव्वल आने के दावे की पोल जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर के साथ-साथ बदहाल शौचालय भी खोल रहे हैं। सार्वजनिक शौचालय और यूरिनल की सफाई के नंबर स्वच्छता सर्वेक्षण में तय हैं। नगर निगम शौचालय बनवाने और इनकी सफाई का दावा कर रहा है, लेकिन सच यह है कि अधिकांश शौचालयों और यूरिनल को बनाने के बाद अधिकारियों ने आंखें बंद कर ली हैं। यहां इतनी ज्यादा गंदगी फैली है कि अंदर जाना तो दूर, आसपास से निकलने वाले लोगों को ही नाक बंद करना पड़ रहा है। कहीं-कहीं तो शौचालय बंद पड़े हैं और कहीं इन शौचालयों के दरवाजे ही गायब हैं। निगम कर्मचारी नियमित रूप से इन शौचालयों की सफाई नहीं करते। इस कारण लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।विभिन्न इलाकों में जरूरत के हिसाब से टॉइलट न होने से मुख्य सड़क, कॉलोनी व सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी रहती है अधिकांश सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए टॉइलट नहीं हैं। महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर 25 से अधिक टॉइलट की जरूरत है, लेकिन यहां गिनी- चुनी जगह पर ही यह बनाए गए हैं। इनकी हालात ठीक न होने से इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।








