चंडीगढ़ में पार्किंग शुल्क बदलेगा, सेक्टर-17 की 20 पेड पार्किंग के नए रेट तय

चंडीगढ़.

सेक्टर-17 की पार्किंग व्यवस्था अब निजी हाथों में जाने की तैयारी है। नगर निगम ने सेक्टर-17 की सभी 20 पेड पार्किंग को एक साथ निजी एजेंसी को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल है।

प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 22 सितंबर को नगर निगम हाउस की बैठक में रखा जाएगा। ठेकेदार को पार्किंग के संचालन के साथ कर्मचारियों की तैनाती, रखरखाव और निर्धारित शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी संभालनी होगी। निगम का मानना है कि एक एजेंसी के माध्यम से सभी पार्किंग संचालित होने से व्यवस्था की निगरानी आसान होगी और राजस्व में भी सुधार हो सकता है। ठेका मिलने के बाद 50 से अधिक चारपहिया वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग में 30 दिन के भीतर स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था शुरू करनी होगी। इसके तहत बूम बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, पीओएस मशीन, डिजिटल भुगतान, ई-टिकट और वेब आधारित डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। निगम अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही संशोधित पार्किंग शुल्क लागू किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में टू व्हीलर के लिए आठ घंटे तक 10 रुपये और उसके बाद 15 रुपये, जबकि चारपहिया वाहन के लिए आठ घंटे तक 20 रुपये और उसके बाद 30 रुपये शुल्क रखा गया है। मिनी बस और टैक्सी के लिए 40 रुपये तथा टूरिस्ट बस के लिए 75 रुपये तक शुल्क प्रस्तावित है।

ई-वाहनों को मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग
इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग देने का प्रावधान प्रस्ताव में रखा गया है। टैक्सी, कैब और आटो समेत वैध पीली नंबर प्लेट वाले वाहनों को यात्रियों को उतारने या बैठाने के लिए 10 मिनट तक शुल्क नहीं देना होगा। दोपहिया डिलीवरी वाहनों को भी 10 मिनट तक शुल्क से राहत मिलेगी। पार्किंग का संचालन सुबह आठ से रात दस बजे तक प्रस्तावित है।

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पुराने विवादों के बीच निगम की नई कवायद
शहर में पहले पार्किंग ठेकों को लेकर निगम और ठेकेदारों के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में 20 पार्किंग को एक एजेंसी को देने के प्रस्ताव पर निगम हाउस में राजस्व, ठेकेदार की जवाबदेही, शुल्क वसूली और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा होने की संभावना है। निगम यदि सेक्टर-17 में इस मॉडल को लागू करता है तो भविष्य में अन्य सेक्टरों की पेड पार्किंग को भी इसी तर्ज पर निजी एजेंसी को देने का रास्ता खुल सकता है।

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