खनन विभाग की राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर नाराजगी, खनन अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश-जिलाधिकारी
45 दिन से अधिक पुराने राजस्व वादों का अभियान चलाकर करें निस्तारण,

Media House सोनभद्र-जनपद में राजस्व वसूली को गति देने, पुराने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व, कर-करेत्तर एवं सीएम डैशबोर्ड की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार राजस्व वसूली, निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि, लंबित राजस्व वादों एवं विभिन्न विभागीय प्रकरणों की गहन समीक्षा की।
साथ ही सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं, विकास कार्यक्रमों एवं विभागीय प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। खनन विभाग की राजस्व वसूली अपेक्षित स्तर पर न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए खनन अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और वसूली में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
राजस्व वसूली में अनावश्यक शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। धारा-116 सहित विभिन्न राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 45 दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का नियमित अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन अधिकारियों के स्तर पर पुराने एवं अधिक संख्या में प्रकरण लंबित पाए जाएं, उनकी जवाबदेही निर्धारित की जाए। राजस्व न्यायालयों में आने वाले आमजन को समय से न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों की विभागवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम डैशबोर्ड पर अपने विभाग की प्रगति एवं रैंकिंग की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा जिन योजनाओं एवं सूचकांकों में प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनमें तत्काल सुधार लाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ मिले और विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे। विभागीय अधिकारी स्वयं नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज आशीष त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि पासवान, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार सहित राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










