बिहार : तेजस्वी ने सरकार में आने के बाद ताड़ी से बैन हटाने का किया वादा, कांग्रेस विधायक ने किया स्वागत

पटना, 6 मार्च (आईएएनएस)। आरजेडी नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सरकार में आने के बाद ताड़ी से बैन हटा लिए जाने वाले बयान का कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास ने स्वागत किया।

कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, “तेजस्वी यादव के ताड़ी से बैन हटाने का फैसला स्वागत योग्य है। महादलित समाज के लोगों की जीविका ही ताड़ी है। वे ताड़ी बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें मारपीट कर जेल में भेज दिया जाता है। अभी इस मामले में लाखों केस पेंडिंग पड़े हैं। लोगों पर एफआईआर दर्ज हैं, मैं इस मुद्दे को सदन में भी उठाऊंगी।”

कांग्रेस विधायक ने आगे कहा, “शराबबंदी कानून माफियाओं को बढ़ाने के लिए लाया गया है। शराबबंदी को 10 साल होने जा रहे हैं, लेकिन अभी भी शराब आ रही है। लोग इसे पीकर मर रहे हैं। कानून का पालन करने वाले लोग कहां पर बैठे हुए हैं? माफिया सरकार चलाने का प्रयास कर रहे हैं।”

इससे पहले तेजस्वी यादव ने बिहार में ताड़ी से बैन हटाने की बात कही थी। उन्होंने एक्स पर लिखा था, “पासी समाज के साथ कई राउंड की वार्ता के उपरांत आज प्रेस कांफ्रेंस में हमने घोषणा कि हमारी सरकार बनने पर पासी भाइयों की आजीविका के लिए प्राकृतिक पेय पदार्थ ताड़ी बेचने पर पाबंदी को बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम-???? से बाहर कर देंगे।”

उन्होंने आगे लिखा, “शराबबंदी कानून के तहत अब तक लगभग ?? लाख ?? हज़ार लोगों को जेल भेजा गया है, जिसमें ??-?? प्रत‍िशत लोग दलित और अति पिछड़े वर्गों के हैं। इस कानून की आड़ में एनडीए सरकार द्वारा गरीबों को अत्यधिक परेशान किया गया है। दलित और पासी समाज की एक बड़ी आबादी का शारीरिक, सामाजिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।”

पाकिस्तान पीओके के लोगों को विदेशी कहता है, हम उन्हें अपना नागरिक मानते हैं : राजनाथ सिंह

तेजस्वी ने आगे लिखा, “ताड़ी बंद होने से पासी समाज के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था, अब तक जैसे-तैसे उन्होंने जीवन यापन किया, लेकिन अब गरीबी के कारण जीना भी मुश्किल हो रहा है। सरकार ने पासी भाइयों के लिए नीरा शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन इस सरकार ने उसे भी विफल कर दिया है, इसलिए ताड़ी शुरू करना अति आवश्यक है।”

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *