कर्नाटक : शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए बेताब : भाजपा

बेंगलुरु, 10 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में कथित अंदरूनी कलह पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए बेताब हैं, जबकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने रणनीतिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

बेंगलुरु में भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा, “शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के पटल पर शिवकुमार ने उल्लेख किया कि पूर्व सीएम दिवंगत एसएम कृष्णा उनके राजनीतिक गुरु ने उन्हें सलाह दी थी कि यदि सत्ता नहीं सौंपी जाती है, तो इसे जब्त कर लिया जाना चाहिए। 15 साल बाद शिवकुमार को विधानसभा में वे शब्द याद आए। मेरा मानना ​​है कि उनके बयान का अर्थ आपको (मीडिया) स्पष्ट है।”

उन्होंने कहा, “हम सुन रहे हैं कि सत्ता-साझेदारी के फार्मूले के अनुसार सीएम सिद्धारमैया का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इस पृष्ठभूमि में शिवकुमार बयान दे रहे हैं। सीएम सिद्धारमैया और उनके डिप्टी शिवकुमार को सत्ता-साझेदारी समझौते को स्पष्ट करने की आवश्यकता है। हम जो जानते हैं, उसके अनुसार सिद्धारमैया का कार्यकाल लगभग समाप्त हो चुका है।”

भाजपा नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी चालें चलनी शुरू कर दी हैं।

विजयेंद्र ने दावा किया, “उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में विभिन्न मंत्रियों के माध्यम से ‘डिनर पॉलिटिक्स’ शुरू की है। इससे पहले मैंने बताया था कि सिद्धारमैया ने एक मंत्री के आवास पर बैठक के लिए विधायकों और मंत्रियों को इकट्ठा करके अपनी रणनीति शुरू की है।”

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विजयेंद्र ने कहा, “आलाकमान के विरोध के बावजूद कर्नाटक में डिनर पॉलिटिक्स जारी रहेगी। शिवकुमार भी अपने गुरु की सलाह के अनुसार जबरन सत्ता पर दावा करने के अपने प्रयासों को तेज करेंगे। हम इस बात से अवगत हैं। कांग्रेस की आंतरिक दरार सामने आ गई है और राज्य के लोगों को और अधिक नाटक देखने की संभावना है।”

कर्नाटक इकाई के भाजपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि एक संत ने कथित तौर पर शिवकुमार को सलाह दी है कि अगर उन्हें सत्ता नहीं मिलती है, तो उन्हें इसे छीन लेना चाहिए।

उन्होंने कहा, “दिन-प्रतिदिन कांग्रेस पार्टी में डिनर पॉलिटिक्स केंद्र में आती जा रही है। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जरकीहोली ने चुनिंदा विधायकों के लिए डिनर पार्टी का आयोजन किया और गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने विधायकों के लिए एक और डिनर पार्टी की योजना बनाई।”

विजयेंद्र के अनुसार, इस सत्ता संघर्ष का राज्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा, “पिछले दो सालों में कोई विकास नहीं हुआ है। सिद्धारमैया के सीएम बनने के बाद से कोई खास काम नहीं हुआ है। विधायक विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सिद्धारमैया विकास के लिए संसाधन आवंटित करने और गारंटियों को पूरा करने के बीच फंस गए हैं।”

–आईएएनएस

एकेएस/सीबीटी

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