धर्म के नाम पर राजनीति करना भाजपा की पुरानी प्रथा : कुणाल घोष

कोलकाता, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने शुक्रवार को आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव पर पार्टी की स्थिति और आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज केस में अभिजीत मंडल और संदीप घोष की जमानत पर प्रतिक्रिया दी।

तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने की बात कही थी, जिसके बाद भाजपा के बेरहामपुर सांगठनिक जिला के सचिव ने राम मंदिर बनाने की बात कही। इस पर कुणाल घोष ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करना भाजपा की पुरानी प्रथा बन चुकी है। हम लोग रोटी, कपड़ा और मकान की राजनीति करते हैं, विकास की राजनीति करते हैं और जनता की सेवा करते हैं। लेकिन अगर कोई व्यक्ति या संस्था अपनी जमीन पर मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या गुरुद्वारा बनाती है, तो इसमें क्या दिक्कत है? इससे राजनीति का कोई संबंध नहीं है।

आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई बलात्कार और हत्या के मामले में अभियुक्त अभिजीत मंडल और संदीप घोष को जमानत मिलने पर भी कुणाल घोष ने कहा कि कोलकाता पुलिस ने मुख्य आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद विपक्ष ने ‘वी वांट सीबीआई’ का नारा उठाया और उच्च न्यायालय से सीबीआई की जांच की मांग की। अब जमानत मिल गई है, लेकिन यह तो सीबीआई की जांच है। कोलकाता पुलिस का इससे कोई संबंध नहीं है। सीबीआई को पूरी जांच करके कोर्ट के सामने निष्कलंक रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।

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‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रारूप को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर कुणाल घोष ने पार्टी की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने पहले ही कह दिया है कि हम इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करते। भारत में ऐसा कोई स्थिर राजनीतिक वातावरण नहीं है, जो वन नेशन, वन इलेक्शन को लागू करने की अनुमति देता हो। इसके कोई ठोस तथ्य नहीं हैं कि इस सिस्टम से बनने वाली सरकार पांच साल तक चलेगी।

–आईएएनएस

पीएसके/एकेजे

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