CM कैंप ऑफिस और OSD के घर CBI रेड मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई आज

चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज गुरुवार को पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच कर रही है।
हाईकोर्ट के इसी आदेश के बाद सीबीआई ने मंगलवार शाम 5 बजे CM भगवंत मान के चंडीगढ़ कैंप ऑफिस, सीएम के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के घर समेत पंजाब में 8 जगहों पर रेड की। टीमों ने लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई रात 11 बजे तक चली।
इसके बाद घुम्मन समेत 6 लोगों को समन जारी किया गया। उन्हें चंडीगढ़ में CBI ऑफिस में पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बता दें कि ED ने CM ऑफिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ED ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बताया था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की।
पंजाब सरकार ने CBI जांच रोकने की मांग की
पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र और संघीय ढांचे से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए बुधवार या गुरुवार को मामले को लेने की बात कही थी।
हाईकोर्ट ने CBI को FIR और जांच के आदेश दिए
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी पर CBI जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ED के आरोपों की जांच के दौरान ही उनकी पुष्टि या खंडन होगा।
ED ने ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर में दखल के आरोप लगाए
ED ने जुलाई-अगस्त में पंजाब DGP को भेजी चिट्ठियों में CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। ED के आरोपों में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित प्रभाव का जिक्र था। एजेंसी ने नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया था।
CBI ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और RS नागरा के नाम शामिल हैं। इसके बाद मंगलवार को CBI ने इनसे जुड़े 8 ठिकानों पर तलाशी ली।
पंजाब CM ऑफिस से जुड़ा कथित करप्शन का पूरा मामला
ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।
CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।
सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।
तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।
जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।
हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।










