जासूसी नेटवर्क पर शिकंजा: ऑपरेशन सिंदूर में 18 गिरफ्तार, छिपे कैमरों से रखी जा रही थी नजर

चंडीगढ़.

जासूसी अब सरहद पार छिपकर नहीं, बल्कि पंजाब के शहरों के बीच लगे कैमरों से खुलेआम हो रही थी। यह मामला सिर्फ जासूसी का नहीं, बल्कि लाइव निगरानी युद्ध का है। दिल्ली पुलिस की ओर से आईएसआई बीकेआई मॉड्यूल में पंजाब के जिन आठ आरोपितों को पकड़ा गया है उन्हें पंजाब पुलिस ट्रांजिक्ट रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है

आरोपितों की ओर से जिन मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया जा रहा था वह भी फर्जी दस्तावेज लगाकर लिए गए थे। पंजाब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं पंजाब में बार्डर एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों का आडिट भी करवाया जाएगा। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस मामले में शामिल आरोपितों को लेकर संबंधित जिलों की ओर से जांच की जा रही है। वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। जोकि पंजाब के पड़ोसी राज्यों से है।

डेढ़ दर्जन युवाओं को पकड़ा गया
उधर, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवाओं को जासूसी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हनी ट्रैप और इंटरनेट मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जाता था। फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर संपर्क किया जाता और धीरे-धीरे उन्हें भरोसे में लेकर संवेदनशील जानकारी हासिल की जाती। कई मामलों में पैसों का लालच देकर भी आरोपितों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। खास बात यह रही कि इस नेटवर्क में शामिल लोग आम जिंदगी जीने वाले थे, जिन पर आसानी से शक करना मुश्किल था। पंजाब के तरनतारन, फिरोजपुर, मलेरकोट, जालंधर और गुरदासपुर जैसे इलाकों से जुड़े आरोपित इस नेटवर्क की जमीनी कड़ी बने हुए थे।

सीएम फडणवीस ने उच्चस्तरीय बैठक में की 19 योजनाओं की समीक्षा : एकनाथ शिंदे

भारत में क्या हैं नियम आईटी एक्ट, 66E

  1.     निजी जगहों (बाथरूम/बेडरूम) की बिना अनुमति रिकार्डिंग, शेयरिंग पर कार्रवाई आईटी रुलज, 2011
  2.     फुटेज सुरक्षित रखना कैमरा लगाने वाले की जिम्मेदारी
  3.     आईटी एक्ट 2000
  4.     सीसीटीवी फुटेज डिजिटल डेटा, इसे सुरक्षित रखना जरूरी
  5.     आर्टिकल 21: निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है, किसी के घर के अंदर निगरानी का नहीं सबसे बड़ी चुनौती

सात कंपनियों के कैमरे सुरक्षित
देश में फिलहाल 7 कंपनियों के 53 माडल ही एसटीक्यूसी सर्टिफाइड हैं। एसटीक्यूसी कैमरों को सर्टिफाइड करती है एसटीक्यूसी यानी स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन डायरेक्टोरेट भारत सरकार की एक संस्था है, जो इलेक्ट्रानिक और आई उत्पादों की क्वालिटी, सुरक्षा और भरोसेमंद होने की जांच करती है। यह आईटी मंत्रालय के तहत काम करती है। इस संस्थान का काम सीसीटीवी जैसे इलेक्ट्रानिक उत्पादों की टेस्टिंग, सॉफ्टवेयर और सिस्टम की क्वालिटी जांच, साइबर सिक्योरिटी और डेटा सुरक्षा की जांच करती है। घर-दुकान, संस्थान में सीसीटीवी लगा है तो नोटिस बोर्ड लगाना भी जरूरी – आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं। अधिकतम 90 दिन तक फुटेज सेव रखना होता है। उसके बाद डिलीट कर सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर डालना कानूनी अपराध है। सीसीटीवी पड़ोसी के घर की तरफ नहीं लगा सकते। यह निजता का उल्लंघन होगा। 1 अप्रैल से हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (एसटीक्यूसी सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। भारत में 80 फीसदी कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 माडल ही ऐसे हैं जो सटिफाइड है।

राज्यसभा में आज संविधान पर चर्चा जारी रहेगी

अब तक पंजाब के यह जासूस पकडे़ गए
मनप्रीत सिंह (तरनतारन), अनमोल (फिरोजपुर), साहिल (फिरोजपुर), गुरजीत सिंह (कपूरथला), रिंपलदीप सिंह (फाजिल्का), सलविंदर सिंह उर्फ कालू (फाजिल्का), बूटा सिंह (फाजिल्का), हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (मोगा) शामिल है। आपरेशन सिंदूर के बाद जालंधर से मोहम्मद मुर्तजा अली, सुख्रपीत सिंह गुरदासपुर पंजाब, करनबीर सिंह गुरदासपुर, यामीन माेहम्मद मलेरलकोटला को गिरफ्तार किया गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *