मंडलीय समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर जोर, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
ऋण वितरण में विलंब पर सख्ती, लापरवाह बैंकों पर कार्रवाई के निर्देश

Media House प्रयागराज- मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में कार्यालय स्थित त्रिवेणी सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीएम डैशबोर्ड पर जनपदों की रैंकिंग सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख रूप से पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना, एनआरएलएम के आरएफ एवं सीआईएफ, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), भवन एवं सड़क निर्माण कार्य, जननी सुरक्षा योजना, जल जीवन मिशन (हर घर जल), फैमिली आईडी, पीएम पोषण योजना के अंतर्गत विद्यालय निरीक्षण, मत्स्य उत्पादन, आईसीडीएस पोषण अभियान, नई सड़कों का निर्माण तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान आदि की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
सीएम डैशबोर्ड की मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार ( विकास एवं राजस्व में) प्रयागराज की रैंकिंग 71, फतेहपुर की 38, कौशांबी की 10 तथा प्रतापगढ़ की 68 पाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने प्रयागराज एवं प्रतापगढ़ के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और बेहतर समन्वय स्थापित कर रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कई परियोजनाओं में खराब रैंकिंग का कारण लिपिकीय त्रुटियां एवं डेटा की गलत फीडिंग पाए जाने पर मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे कार्मिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियों की पुनरावृत्ति न हो और वास्तविक प्रगति का सही आकलन हो सके।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान प्रयागराज जनपद में बैंकों द्वारा ऋण वितरण में विलंब के कारण रैंकिंग प्रभावित होने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित बैंकों को चिन्हित कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर सरकारी जमा राशि वापस लेने जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएं।
अनुसूचित जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में यह पाया गया कि संस्थागत स्तर पर अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण कई छात्र-छात्राएं लाभ से वंचित रह गए हैं। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। साथ ही समाज कल्याण विभाग में डिजिटल सिग्नेचर की कमी से डेटा प्रोसेसिंग में हो रही देरी को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी को अतिरिक्त अधिकारियों को डिजिटल सिग्नेटरी के रूप में नामित कराने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्य (सीएमआईएस) की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं की अलग से बैठक आयोजित कर एजेंसीवार प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जहां निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि उन्हें जल्द से जल्द जन उपयोग में लाया जा सके।
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में पुरुष एवं महिला नसबंदी की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, जिसका कारण सर्जनों की कमी बताया गया। इस पर अपर निदेशक स्वास्थ्य को सभी स्थानों पर सर्जनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आभा आईडी की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने और जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में गो आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सभी आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, 50 से कम क्षमता वाले आश्रय स्थलों का उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरण करने तथा वहां तैनात कर्मियों के कार्यों का विवरण नियमित रूप से रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए गए।










