रांची : गुमला के जंगल में अपराधियों और पुलिस में मुठभेड़, एके-47 सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद

गुमला, 20 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर थाना क्षेत्र के देवरागानी जंगल में आपराधिक गिरोह और पुलिस के बीच जमकर मुठभेड़ हुई है। रविवार देर रात से जारी मुठभेड़ के दौरान कुछ अपराधियों को गोली लगने की खबर है। हालांकि, इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाकर एके-47 सहित भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं। गुमला के एसपी शंभु कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि देवरागानी जंगल में रामदेव झांगुर नामक आपराधिक गिरोह के लोगों के टिके होने की सूचना मिली थी। इस पर उनकी घेराबंदी के लिए आईआरबी कमांडेंट की अगुवाई में पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम गठित की गई। टीम ने जंगल की घेराबंदी की तो गिरोह के लोगों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस पर सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा लेकर जवाबी फायरिंग की।

उन्होंने जानकारी दी कि सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख गिरोह के लोग घने जंगलों में भाग गए। सुरक्षा बल जंगल का चप्पा-चप्पा छान रहे हैं। इस दौरान कई हथियार, गोलियां और विस्फोटक मिले हैं। इस अभियान में गुमला जिले के घाघरा, गुमला और बिशुनपुर थाना क्षेत्रों की पुलिस भी शामिल है।

रामदेव झांगुर गुट ने गुमला जिले के जंगलवर्ती इलाकों में आतंक कायम कर रखा है। यह गिरोह ठेकेदारों, व्यवसायियों और आम लोगों से हथियारों के बल पर रंगदारी वसूलता है। बताया जा रहा है कि रविवार रात से जारी मुठभेड़ में रामदेव झांगुर खुद गिरोह की अगुवाई कर रहा था।

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दो दिन पहले इस गिरोह के एक प्रमुख सदस्य संतु उरांव को बिशुनपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बिशुनपुर, चैनपुर व घाघरा थाना क्षेत्र में रामदेव झांगुर 2002 से आतंक का पर्याय बना हुआ है। इन तीनों थानों में इसके खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। पिछले दो दशकों में पुलिस ने कई बार रामदेव के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है, लेकिन अब तक वह पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

–आईएएनएस

एसएनसी/एबीएम

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