यमुना में अमोनिया विवाद पर दिल्ली जल बोर्ड का स्पष्टीकरण, केजरीवाल के बयान को खारिज किया

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ शिल्पा शिंदे ने सोमवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा हरियाणा पर यमुना नदी में अमोनिया छोड़ने के आरोपों का खंडन किया। दिल्ली के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उन्होंने केजरीवाल के इन आरोपों को तथ्यहीन, निराधार और भ्रामक बताया।

शिल्पा शिंदे ने पत्र में कहा है कि इस प्रकार के झूठे बयान दिल्लीवासियों में डर फैलाने का काम करते हैं और साथ ही यह राज्यों के बीच संबंधों पर नकारात्मक असर डालते हैं। उन्होंने इस मामले को उपराज्यपाल के ध्यान में लाने का अनुरोध किया है, क्योंकि यह अंतरराज्यीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

पत्र में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में मीडिया में यह बयान दिया था कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली पहुंचने वाले कच्चे पानी में जहर छोड़ दिया है। इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें इसे ‘जल आतंकवाद’ करार दिया था। जल बोर्ड ने केजरीवाल के इन बयानों को पूरी तरह से गलत और भ्रामक बताया है।

दिल्ली जल बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया कि यमुना में अमोनिया का स्तर सर्दियों के मौसम में अक्टूबर से फरवरी के बीच स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। जल बोर्ड के जल उपचार संयंत्र 1 पीपीएम तक के अमोनिया को ठीक से उपचारित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसके अलावा, 2 से 2.5 पीपीएम तक के अमोनिया का उपचार उच्च अमोनिया वाले पानी को दिल्ली सब ब्रांच और कैरियर लाइन चैनल से प्राप्त पानी से मिलाकर किया जाता है।

कांग्रेस अध्यक्ष को अपमान नहीं सहना चाहिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए: अमित मालवीय

जल बोर्ड के अनुसार यमुना में अमोनिया का स्तर तब बढ़ता है जब उपयुक्त जल प्रदूषण या औद्योगिक अपशिष्टों का मिश्रण नदी के ऊपरी हिस्से में होता है, खासकर वजीराबाद बैराज से पहले। सर्दियों में मानसून के बाद, यमुना में पानी की धारा कम हो जाती है, जिसके कारण अपशिष्ट पानी को पर्याप्त रूप से घुलने का मौका नहीं मिलता और अमोनिया का स्तर बढ़ जाता है।

–आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *