उच्च शिक्षण संस्थानों में युवाओं से संवाद और ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर प्रतियोगिताओं का आयोजन

मीडिया हाउस लखनऊ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रस्तावित ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लखनऊ स्थित आवास पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित अन्य अधिकारीगण के साथ अभियान की तैयारियों एवं आयोजन के संबंध में बैठक कर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभागों के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा युवाओं को ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ने की कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया गया। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल में हुए जनकल्याणकारी कार्यों, नीतिगत सुधारों और देश में आए बदलावों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है।
अभियान के अंतर्गत ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की कल्पनाओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों तथा विकसित भारत की संकल्पना को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेंगे, जबकि स्थानीय जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।
इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक शासकीय एवं निजी विद्यालय में कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर से आगे जिला स्तर तक किया जाएगा। उत्कृष्ट ड्राइंग का चयन कर जिला स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित होगी, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद राज्य स्तरीय भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मंत्रीगण भी उपस्थित रहेंगे।
अभियान में उच्च शिक्षा विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में युवाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर ड्राइंग, भाषण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को देश के विकास की यात्रा से जोड़ते हुए उन्हें विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प के प्रति जागरूक एवं सहभागी बनाना है। अभियान की कार्ययोजना में उच्च शिक्षा संस्थानों में युवाओं के साथ संवाद और प्रतियोगिताओं के आयोजन का उल्लेख किया गया है।
‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम को केवल विद्यालयों तक सीमित न रखते हुए इसमें अभिभावकों, ग्रामीणों और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रकार बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से अभियान का संदेश परिवार और समाज के व्यापक स्तर तक पहुंचेगा।
विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर प्राप्त उत्कृष्ट प्रविष्टियों को आगे बढ़ाते हुए राज्य स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और उनके माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्य तथा ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग अपनी-अपनी संस्थागत पहुंच का उपयोग करते हुए अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ें। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की सहभागिता, प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनियों का संचालन करेंगे, जबकि उच्च शिक्षा विभाग उच्च शिक्षण संस्थानों के युवाओं को संवाद एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अभियान से जोड़ेगा।
इससे एक ओर प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और युवा विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी भूमिका और विचारों को साझा कर सकेंगे।
बैठक में अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 12 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा काल की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।








