दलजीत के अंतिम संस्कार पर पिता ने तोड़ी चुप्पी, मदद के नाम पर गुमराह करने का लगाया आरोप

मानसा.
गांव भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह की मौत के मामले में अब उसके पिता जरनैल सिंह बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर कहा कि पुलिस ने उनकी मांग के अनुसार मामले में आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
उनकी यही मांग थी और अब वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन प्रशासन के अधिकारी उनके पास पहुंचे थे और हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। हालांकि, मानसा में चल रहे धरने से गांव पहुंचे कुछ लोगों ने उन्हें दलजीत का शव मानसा ले जाने के लिए लालच देकर गुमराह किया।
अधिक मादक पदार्थों के सेवन से मौत: बहन
भामे कलां गांव में एक दिन पहले दलजीत सिंह (35) की मौत के मामले में उनकी बहन ने बुधवार को दावा किया कि अधिक मात्रा में मादक पदार्थों के सेवन से उनकी मृत्यु हुई है। उन्होंने नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने की मांग की, वहीं पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मंगलवार को मानसा में उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब पुलिस दलजीत के शव को उठा ले गई जब उसका परिवार धरने पर बैठा था और शव को उस स्थान पर ले जाने की योजना बना रहा था जहां नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का परिवार विरोध प्रदर्शन कर रहा था। दलजीत की बहन अमरजीत कौर और पत्नी परमजीत कौर बुधवार को झोटा के परिवार द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अमरजीत कौर ने दावा किया कि उनके भाई की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी; वह मंगलवार को किसी के साथ बाहर गया था और कथित तौर पर मादक पदार्थों की ओवरडोज (अधिक मात्रा में सेवन) के कारण उसकी मौत हो गई।
उन्होंने मंगलवार के धरने के दौरान शव को जबरन ले जाने के लिए पुलिस की आलोचना भी की। कौर ने कहा, ‘‘हम इस मामले में न्याय की मांग करते हैं। हम चाहते हैं कि मादक पदार्थों की आपूर्ति बंद हो।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी है, उन्होंने ‘नहीं’ में जवाब दिया। हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि दलजीत के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। कई विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लेकर पंजाब पुलिस और राज्य सरकार की तीखी आलोचना की है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी मानसा में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस दलजीत की मौत को हत्या के मामले के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है ताकि इसे मादक पदार्थों की ओवरडोज से हुई मौत के रूप में न दिखाया जा सके।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने सवाल उठाया कि मानसा पुलिस को इतनी जल्दी कैसे पता चल गया कि दलजीत की मौत नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन से नहीं हुई बल्कि यह हत्या का मामला है। मंगलवार को मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने दावा किया कि दलजीत का शव किसी ने सड़क के किनारे फेंक दिया था और तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। दलजीत के परिवार ने धरना दिया था और वे उसके शव को मानसा ले जाना चाहते थे, जहां झोटा का परिवार और अन्य लोग न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। चूंकि प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी थी, इसलिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया और दावा किया कि समूह में कई शरारती तत्व शामिल हो गए थे जो कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।










