50 दिन के अंदर दो बार लाखो की संख्या में दिल्ली पहुंचे कर्मचारियों की सुधि नहीं ली सरकार

Media House अवधेश पाण्डेय गोरखपुर-रामलीला मैदान दिल्ली में हुए दो-दो बड़े कर्मचारी आंदोलन (10 अगस्त और 01 अक्टूबर) के बाद भी केन्द्र सरकार द्वारा संज्ञान न लेने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने नाराजगी जताई है। आज परिषद के नेताओं ने एक साझा बयान जारी कर सरकार के अड़ियल रुख की निन्दा किया है, अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा की 10 अगस्त और 01 अक्टूबर को रामलीला मैदान में दसों लाख कर्मचारियों के जनसैलाब को बीजेपी सरकार नजरअंदाज कर रही हैं लेकिन कर्मचारी समाज इस मुद्दे से हटने वाला नही है, सरकार की यह है हठधर्मिता उसे महंगी पड़ेगी आने वाले चुनाव में कर्मचारी समाज सरकार को माकूल जवाब देने की तैयारी कर रहा है।
अपर महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी से नाराज होकर सारे कर्मचारी संगठन दिसंबर महीने में राष्ट्रव्यापी महाहड़ताल और भारत बंद की योजना पर काम कर रहे है केंद्रीय नेतृत्व का आह्वान होते ही सारे कर्मचारी संवैधानिक तरीके से एक साथ हड़ताल पर चले जाएंगे रेलकर्मी रेल का चक्का जाम करेंगे और भारत बंद भी किया जायेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल लाकर महिलाओं का विश्वास जीतना चाहती हैं लेकिन पुरानी पेंशन देकर कर्मचारियों का विश्वास क्यों नही जीत रही हैं। इस अवसर पर कनिष्क गुप्ता, अशोक पांडेय, श्याम नारायण शुक्ल, बंटी श्रीवास्तव, इजहार अली, महेन्द्र चौहान आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

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