जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्वापक नियंत्रण समिति की बैठक

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0  वागीश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय स्वापक नियंत्रण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, विभिन्न विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा एनडीपीएस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित न रहकर जनसहभागिता एवं जागरूकता पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि नारकोटिक्स से संबंधित अपराधों के विरुद्ध निरंतर विशेष अभियान चलाते हुए मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों के प्रभावी अनुश्रवण एवं विचाराधीन मुकदमों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित विभागों से समन्वय बनाए रखा जाए। बैठक में शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाए। विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए तथा नशामुक्ति संबंधी शपथ, संगोष्ठी, रैली एवं जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि युवाओं में कोडीनयुक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल एवं अन्य दर्द निवारक दवाओं के नशे के रूप में हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, औषधि विभाग एवं शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाएं। औषधि विक्रेताओं एवं आमजन को भी इस संबंध में जागरूक किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि एनडीएलसी लाइसेंसधारियों का आबकारी निरीक्षक एवं ड्रग निरीक्षक संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण करेंगे, जिससे मादक एवं नियंत्रित औषधियों के भंडारण एवं वितरण पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। साथ ही जनपद में नशीले पदार्थों की अवैध खेती एवं तस्करी पर विशेष निगरानी रखने तथा ऐसे मामलों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार, व्यसन मुक्ति एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्यक्रम तैयार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके अतिरिक्त अंतर्राज्यीय सीमाओं से जुड़े जनपदों एवं पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समय-समय पर समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्ययोजना के आधार पर एनडीपीएस से जुड़े मामलों में प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

होली/शब-ए-बारात एवं शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक,राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों द्वारा फ्लैग मार्च

बैठक में जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद में किसी भी प्रकार की अवैध मादक पदार्थों की खेती न होने पाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी रखी जाए तथा कहीं भी अवैध खेती पाए जाने पर तत्काल पुलिस विभाग को सूचना देकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण शासन, प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अपने दायित्वों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें, जिससे जनपद में मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और युवाओं को सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सके। बैठक में पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, कृषि, औषधि प्रशासन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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