खनन मामला-प्रशासन ने खनन कार्य बंद नहीं कराया है, स्वेच्छा से खनन कार्य बंद हैं। क्रशर यूनियन अध्यक्ष

– खनन हादसा नहीं, प्रकृति ईश्वरी आपदा था.! अध्यक्ष
– खदान प्रबंधक के अनुमति के बीना आप खदान में प्रवेश नहीं कर सकते.! बृजभान
– सभी लोग मानक के अनुरूप खनन कार्य करें। सचिव

Media House सोनभद्र-खनन की घटना को लोग बहुत ही हाइलाइटेड करते हैं यह हादसा नहीं, बल्कि प्रकृति ईश्वरी आपदा था जो हुआ इसका मतलब यह नहीं की सभी खदानों में खनन कार्य बंद हो जाए.! प्रशासन ने खनन कार्य बंद नहीं करवाया है खनन व्यावसायिक स्वेच्छा से अपना कम बंद किए हुए हैं.! जल्द ही चालू हो जाएगा उक्त बातें क्रशर यूनियन अध्यक्ष अजय सिंह ने मीडिया हाउस से वार्ता के दौरान कहीं।

डाला बिल्ली क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि खनन कार्य शासन प्रशासन की तरफ से बंद नहीं कराया गया है खनन व्यवसायी खनन कार्य स्वेच्छा से बंद किए हुए हैं कोई भी खनन पट्टा धारक एवं क्रशर प्लांट संचालक डीजीएमएस के नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहा है यह खनन हादसा नहीं है बल्कि प्रकृति ईश्वरी आपदा था जो हादसा हुआ। हादसे वाले खदान में सभी मजदूरों का बीमा था इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता हुई है। सभी खनन पट्टा धारकों माइंस मैनेजर फोरमैन ब्लास्ट की बैठक यूनियन कार्यालय बिल्ली ओबरा हई है सभी पट्टा धारकों को कहा गया है कि जिन खदानों में खतरे की संभावना है उसे पर ध्यान रखें, घटना दुर्घटना होते रहता है, इसका मतलब यह नहीं कि खनन कार्य को बंद कर दिया जाए, क्रशर यूनियन द्वारा हादसे में मृतक हुए 7 मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये दिया गया है आगे भी इसी तरह से पहल जारी रहेगा। जल्द ही सभी खदानों को चालू कर दिया जाएगा इसके लिए जिला अधिकारी से वार्ता हुई है प्रयास जारी है ताकि जल्द से जल्द खदानों को शुरू किया जा सके।

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बृजभान अग्रवाल (वरिष्ठ खनन व्यवसायी) ने कहा कि खदान की सारी जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की होती है अगर खदान में खदान प्रबंधक नहीं है तो बिना अनुमति के आप खदान में प्रवेश नहीं कर सकते.! खदान प्रबंधक ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया जिससे यह घटना घटा.! खदान में काम करने वाले सभी मजदूरों का खान सुरक्षा निदेशालय के फॉर्म ए के तहत फॉर्म भरा होना चाहिए, आईडी कार्ड भी होना चाहिए। सभी मजदूरों का आधार कार्ड फोटो नाम पता का डिटेल व रजिस्टर एवं ग्रुप इंशरेंस होना चाहिए तभी मजदूर खदान में जाकर कार्य कर सकता है। खदानों का कार्य सूर्यास्त के समय (सुबह) चालू होना चाहिए और अस्त (साम) के समय बंद हो जाना चाहिए इसकी सारी जिम्मेदारी माइंस मैनेजर की होती है अगर इस नियम कानून का कड़ाई से पालन किया गया होता तो इस तरह की घटना दुर्घटना नहीं होती। इसके लिए सभी खनन व्यवसायियों को पहल करनी चाहिए।

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डाला बिल्ली क्रशर एसोसिएशन के सचिव अभिषेक सिंह ने कहा कि क्रशर प्लांट संचालकों द्वारा पहले की अपेक्षा धीरे-धीरे अब काफी सुधार हो रहा है लोग नियमों का पालन कर रहे हैं। सभी खनन पट्टा धारक खनन के मानकों नियमों को पूरा कर खदानों का कार्य करें। खनन की समस्या को लेकर जिला अधिकारी को अवगत करा दिया गया है इस पर जैसा उनका दिशा निर्देश होगा उसी अनुरूप कार्य होगा। उक्त अवसर पर खनन व्यवसायी प्लांट संचालक माइंस मैनेजर फोरमैन ब्लास्ट आदि लोग मौजूद रहे।

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