जी-20 के एक साल : पीएम मोदी के सुझाव ने शिखर सम्मेलन को बनाया था यादगार, पूर्व विदेश सचिव ने दी जानकारी

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ में 9 और 10 सितंबर 2023 को जी-20 समिट का सफल आयोजन हुआ था। इस सम्मेलन में विश्व के कई राष्ट्राध्यक्ष आर्थिक चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन जैसे कई मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए थे।

सोमवार को इस आयोजन के एक वर्ष पूरे हो गए हैं, इस अवसर पर पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारत द्वारा पहली बार जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी किए जाने को याद किया और बताया कि किस प्रकार सरकार ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए थे।

उन्होंने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वैश्विक कार्यक्रम में भाग लिया और गणमान्य अतिथियों के लिए भोजन को ‘सरल’ बनाने के सुझावों सहित छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दिया था, जिससे यह विश्व नेताओं के लिए एक यादगार कार्यक्रम बन गया।

जी-20 शिखर सम्मेलन के मुख्य समन्वयक हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की देखरेख की और शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए आयोजन टीम को महत्वपूर्ण सुझाव दिए।अपने एक सुझाव को भी याद किया, जिसने इस सम्मेलन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।

उन्होंने बताया कि शिखर सम्मेलन में शुरू में अनेक प्रकार के व्यंजन के साथ भव्य भोज और 400 से अधिक कलाकारों का एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल करने की योजना बनाई गई थी।

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि, “योजना सुनने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले जी20 शिखर सम्मेलनों से अपने अनुभव साझा किए और हमें बताया कि लंबी यात्रा और व्यस्त दिन के बाद, नेता रात के खाने पर थके हुए आते हैं और बस आराम करना चाहते हैं। वे असाधारण व्यवस्थाओं से अभिभूत होने की बजाय आराम करना और सहजता से जुड़ना पसंद करते हैं।”

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हर्षवर्धन श्रृंगला ने प्रधानमंत्री मोदी की बातों को याद करते हुए आगे बताया, “उन्होंने (पीएम मोदी) सुझाव दिया था कि न्यूनतम व्यवधान के साथ एक साधारण रात्रि भोज की व्यवस्था की जाए। एक सरल रात्रिभोज, जिसकी पृष्ठभूमि में कुछ भारतीय संगीत भी हो, यह मेहमानों को बातचीत करने और थकान दूर करने में मदद करेगा।”

हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया, ” प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर ही कार्यक्रम को सरल बनाया गया। यही एक कारण था कि नई दिल्ली में हुआ शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं के लिए हमेशा यादगार बन गया।”

जापानी राजदूत से प्राप्त फीडबैक को साझा करते हुए उन्होंने यह भी बताया, “जापानी राजदूत ने मुझे बताया कि पिछले जी-20 शिखर सम्मेलनों में, नेता अक्सर थकान के कारण रात्रिभोज को बीच में ही छोड़ देते थे। हालांकि, दिल्ली में रात्रिभोज बिना किसी परेशानी के संपन्न हो गया और सभी नेता अंतिम सत्र तक वहां रुके रहे।”

पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने आगे कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन भारत के वैश्विक नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण क्षण था।

गौरतलब है कि 2023 में जी-20 की 18वीं शिखर बैठक नई दिल्ली में हुई थी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘भारत मंडपम’ में सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी। यह भारत में आयोजित पहला जी-20 शिखर सम्मेलन था।

–आईएएनएस

एसके/एबीएम

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