एक-एक श्रद्धालु को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, 29 जनवरी (आईएएनएस)। मौनी अमावस्या के मौके पर बुधवार को प्रयागराज महाकुंभ में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशाम्बी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, बस्ती, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, संतकबीरनगर, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर आदि जनपदों, जोन, रेंज में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष बैठक की।

इस दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एडीजी और जिलाधिकारी प्रयागराज से अपडेट जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने महाकुंभ मेला क्षेत्र में लगातार सतर्कता-सावधानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या, वाराणसी, मिर्जापुर और चित्रकूट के अधिकारियों से वहां विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत किए गए प्रबंध की जानकारी ली। इसी प्रकार, प्रयागराज से सीमा साझा करने वाले सभी जिलों के अधिकारियों को लगातार प्रयागराज प्रशासन से संपर्क-समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति है। ये वो श्रद्धालु हैं, जो अब स्नान करके अपने घर लौट रहे हैं। एडीजी और जिलाधिकारी प्रयागराज यह सुनिश्चित कराएं कि एक-एक श्रद्धालु सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच जाए। यह हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए रेलवे से संपर्क-समन्वय बनाकर ट्रेनों का लगातार संचालन सुनिश्चित कराया जाए। परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें भी लगाई जाएं। मेला क्षेत्र में भीड़ का दबाव न बने, इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। स्थिति को देखते इन्हें आगे बढ़ने दें। जहां कहीं भी लोगों को रोका गया है, वहां सभी के भोजन और पेयजल का प्रबंध किया जाए। एक भी श्रद्धालु को भोजन-पानी की समस्या न हो। किसी भी होल्डिंग एरिया में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।

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सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज के सीमावर्ती जनपद, प्रयागराज प्रशासन से मिल रहे निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं और पेट्रोलिंग बढाएं। अयोध्या-प्रयागराज, कानपुर-प्रयागराज, फतेहपुर-प्रयागराज, लखनऊ-प्रतापगढ़-प्रयागराज, वाराणसी-प्रयागराज जैसे सभी मार्गों पर कहीं भी यातायात अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। प्रयागराज से वापसी के सभी मार्गों को लगातार खुला रखा जाना चाहिए। महाकुंभ मेला क्षेत्र में आवागमन लगातार चलता रहे। लोगों को अनावश्यक न रोकें। कहीं भी भीड़ का दबाव न बनने पाए। मार्गों पर जाम नहीं होना चाहिए। यदि कहीं स्ट्रीट वेंडर आदि मार्गों पर हों, तो उन्हें खाली एरिया में व्यवस्थित करें। आवागमन लगातार जारी रहना चाहिए। कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीन फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर ‘अमृत स्नान’ होना है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक गुरुवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा करें। बसंत पंचमी के दृष्टिगत सुरक्षा और सुविधा से जुड़े हर एक बिंदु पर फोकस करें। महाकुंभ में व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कुंभ 2019 के समय प्रयागराज में बतौर मंडलायुक्त सेवा दे चुके आशीष गोयल और एडीए के वीसी रहे भानु गोस्वामी की तैनाती की जा रही है। इसके अतिरिक्त विशेष सचिव स्तर के पांच अधिकारियों को भी भेजा जा रहा है। ये सभी 12 फरवरी तक प्रयागराज में उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में सहयोग देंगे। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को भी तैनात किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि महाकुंभ आने वाले लाखों श्रद्धालु वाराणसी और अयोध्या में भी दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। चित्रकूट और मिर्जापुर में भी बड़ी संख्या में लोगों का आगमन हो रहा है। अगले दो दिनों में और अधिक लोगों के आगमन की संभावना है। इसके दृष्टिगत तीनों प्रमुख नगरों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। सतत सतर्कता-सावधानी बनाए रखें। होल्डिंग एरिया बनाकर लोगों को रोकें और परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ने दें। बैरिकेडिंग का उपयोग करें। ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन हो। पार्किंग की उचित व्यवस्था हो। लगातार मॉनिटरिंग भी करते रहें।

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–आईएएनएस

एबीएम/सीबीटी

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