जनजातीय तबके को विकसित भारत की पहचान बनाने में जुटे हैं पीएम : विजय कुमार सिन्हा
NDA की सन्तुष्टिकरण की नीतियों से सशक्त हो रहा समाज की अंतिम पंक्ति में बैठा व्यक्ति

मीडिया हाऊस न्यूज एजेंसी पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रधानमंत्री की जमुई यात्रा को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली NDA सरकार सन्तुष्टिकरण की नीतियों के जरिए समाज के हर तबके को लगातार सशक्त करने में जुटी है । जो इलाके और समाज विकास के मानदंडों में पिछड़े थे, विगत एक दशक से उन्हें नीतिगत हस्तक्षेप के जरिये आकांक्षी बनाने के प्रयास हुए हैं ।
श्री सिन्हा ने आगे कहा कि 10 साल पहले तक आदिवासी क्षेत्रों में निवास करने वाले जनजातीय परिवारों के विकास लिए बजटीय आबंटन 25000 करोड़ रुपए से भी कम था । वह राशि 5 गुना बढ़कर आज सवा लाख करोड़ रुपए तक जा पहुंची है । विशेष रूप से जनजातीय ग्रामों के समेकित विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 80 हजार रुपए खर्च किये जाएंगे । देश के विलुप्तप्राय जनजातियों को सामाजिक एवं आर्थिक विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए ‘पीएम जनमन’ योजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक व्यय किए जा रहे हैं । आदिवासी क्षेत्र तथा वहां उत्पादों को दुनियाभर में पहुंचाने का प्रयास भी हमारी NDA सरकार लगातार कर रही है ।
श्री सिन्हा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, अटल जी एवं कर्पूरी ठाकुर जी के सपनों का सामाजिक न्याय देश में लाने के लिए मोदी जी की NDA सरकार भारतीय भाषा एवं विरासत को बचाने और बढ़ाने के लिए तत्पर है । इसी क्रम में सरकार इंजीनियरिंग, मेडिकल जैसी तकनीकी पढ़ाई को बढ़ावा देने का नवाचार भी कर रही है । इससे सबसे अधिक लाभ हमारे ग्रामीण इलाके के गरीब, पिछड़े और शोषित समाज के लोगों को मिलने जा रहा है । साथ ही देश के पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिले घोषित कर दशकों से पिछड़ेपन का दंश झेल रहे स्थानीय समाज में विकास का रंग भरा जा रहा है ।
श्री सिन्हा ने कहा कि जिन्हें देश में पिछड़ा समझा जाता था उन्हें हमारी NDA सरकार विकसित भारत की पहचान बनाकर दुनिया के सामने ले जा रही है । विदेशी मेहमानों के लिए स्थानीय उत्पादों को ले जाकर, हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को मुख्यधारा में लाकर तथा प्रकृति के प्रति हमारी पुरातन सोच को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री जी स्वयं विरासत के साथ विकास के इस महायज्ञ की अगुवाई कर रहे हैं । इस प्रकार आज सदियों से जहालत झेल रहा समाज भारत के जन-गण-मन का मान बढ़ाने वाला समाज बनने की दिशा में अग्रसर है ।








