सोनभद्र-मुख्यमंत्री आगमन को लेकर चर्चा तेज.! प्रदूषण की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों नेताओं की कही खुल न जाए पोल.!

सोनभद्र-वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला का नजारा आप स्वयं अपनी आंखों से देख ले, यें है राज्य मंत्री के क्षेत्र व इलाका.! राज्यमंत्री के आवास/कार्यालय से सटे इलाके में प्रदूषण का हाल.! सभी अधिकारी मंत्री नेता इसी रास्ते से गुजरते हैं. किन्तु.?

  • – मुख्यमंत्री को जनता की समस्याओं से भी रूबरू होना चाहिए.!
  • – मुख्यमंत्री आएंगे, प्रदूषण बंद हो जाएगा, जाएंगे चालू हो जाएगा.!
  • – प्रदूषण से फैल रही है भयंकर बीमारी, स्कूली बच्चे, जनता परेशान.!
  • – प्रदूषण की रोकथाम व वृक्षारोपण के नाम पर धनों का बदर बांट की जांच हो.!

Media House सोनभद्र/लखनऊ– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 15 नवंबर 2025 को जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर चोपन सोनभद्र दौरे को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है कि क्षेत्र की समस्याओं को नजर अंदाज करने वाले अधिकारियों नेताओं की कहीं मुख्यमंत्री के सामने खुला न जाए पोल.! मुख्यमंत्री को जनता की समस्याओं को लेकर जनता से रूबरू होना चाहिए ताकि मुख्यमंत्री को हकीकत पता चल सके.? उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनभद्र के अधिकारियों का क्या मतलब.! जब प्रदूषण पर ही रोक न लगा सके, न कार्रवाई कर सकें.!

सोनभद्र-प्रदूषण की गंभीर समस्या-मुख्यमंत्री आए या जाये, प्लांट संचालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ता, राज्यमंत्री जिलाधिकारी के रोक का आदेश बेअसर.! 

विगत कई वर्षों से लगातार वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला एवं बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के बारी डाला बिल्ली शारदा मंदिर ओबरा कोठा टोला लंगड़ा मोड व आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति बने रहना, जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों मौन बने रहना.! अधिकारियों का जांच के नाम पर आना-जाना और सिर्फ फॉर्मेलिटी व कोरम पूरा किया जाना, स्थानीय जनता को सिर्फ झूठा आश्वासन दिया जाना, प्रदूषण फैलाने वाले पर सख्त कार्यवाही न किया जाना जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली व भूमिका संदिग्ध है.! मुख्यमंत्री को इस मामले पर गंभीरता से लेना चाहिए।

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ज्ञात हो कि बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र के बारी डाला बिल्ली शारदा मंदिर ओबरा कोठा टोला लंगड़ा मोड आदि क्षेत्रों में स्थित लगभग ढाई सौ क्रशर प्लांट संचालित हैं। उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनभद्र/लखनऊ द्वारा क्रशर प्लांट लगाने से पहले विभाग द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों को पूरा कराया जाता है, उसकी जांच कराई जाती है, फोटोग्राफी की जाती है, सभी मनको को पूर्ण करने के उपरांत ही प्लांटों के संचालन हेत द्वारा विभाग द्वारा एनओसी जारी की जाती है। समय-समय पर विभाग द्वारा प्लांटो द्वारा प्रदूषण फैल रहे हैं या नहीं उसकी भी जांच की जाती है.! बावजूद उसके विभागीय अधिकारियों की निगरानी व संरक्षण में खुलेआम प्रदूषण फैलाने वाले व मानक पूर्ण न कर संचालन करने वाले क्रशर प्लांट संचालकों को विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार विगत कई वर्षों से संरक्षण दिया जा रहा है।जबकि उच्च स्तरीय जांच टीम एवं विभागीय अधिकारी क्षेत्र के दौरे पर आते हैं तो पहले से ही विभाग अधिकारियों द्वारा सूचना देकर सभी प्लांटों को बंद कर दिया जाता है.!

क्रशर प्लांटों के मानकों एवं कागजातों की जांच करने पहुंची टीम, व्यवसाईयों में हड़कंप, 2 पर कार्यवाही।

न प्लांट चले, प्रदूषण न फैले, न प्रदूषण दिखें, सड़कों प्लांटो पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया जाता है। अधिकारियों के जाने के साथ ही पुन: खुलेआम प्लांट का संचालन शुरू कर दिया जाता है.! मानव जैसे चोर सिपाही का खेल चल रहा हो.! जनता की कोई बात नहीं सुनी जाती.! ऑफिस में बैठे-बैठे फरमान जारी कर दिया जाता है.! जनता जिए या मरे अधिकारियों से कोई लेना-देना नही.? जनपद के दौरे पर मुख्यमंत्री आए, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन/सचिव आए, राज्य मंत्री आए, प्रमुख सचिव आए, एनजीटी की टीम आए.? सभी प्लांट को बंद करा दिया जाता है, जाते ही सभी प्लांटों को चालूं करा दिया जाता है.! आखिर ऐसा क्यों.? यह चोर सपाही का धंधा विगत कई वर्षों से लगातार जारी है.! किंतु आज तक प्रदूषण की समस्या का स्थाई निदान विभागीय अधिकारियों जिला प्रशासन द्वारा न कराया जाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.!

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भारत सरकार, राज्य सरकार, एनजीटी प्रधानमंत्री पर्यावरण मंत्री मुख्यमंत्री मंत्री सांसद विधायकों द्वारा पर्यावरण प्रदूषण भू-जल दोहन को रोकने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सख्त आदेश निर्देश दिए जा रहे हैं, वृक्षारोपण अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र को हरा-भरा बनाए जाने का अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ जनपद सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में सभी नियम कानून को ताख पर रखकर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारी पुरी तरह से मौन है.! मानो जैसे जनता के स्वास्थ्य व जीवन से उनका कोई लेना-देना न हो.! क्षेत्र की जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य से मांग व अपील किया कि सोनभद्र दौरे के दौरान जनता के जाकर लोगों से रूबरू हो और हकीकत जाने, प्रदूषण भू-जल जैसी गंभीर समस्या को देखे और प्रदूषण फैलाने वाले प्लांटों, क्षेत्रीय समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों नेताओं एवं भष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।

सोनभद्र-बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सोनभद्र को फोन किया गया तो उनका फोन नहीं उठा.!

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