सोनभद्र-मुख्यमंत्री के आगमन का असर, बंद हुए क्रशर प्लांट, रुका प्रदूषण, प्रशासन की कार्यशैली संदिग्ध.! उठे सवाल.!

सोनभद्र-मुख्यमंत्री आगमन से पहले वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला का नजारा आप स्वयं देख ले, प्रदूषण मुक्त वातावरण.!
– मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अधिकारियों के बीच बढ़ी हलचल.!
– प्रशासन हुआ सतर्क ताकि एक भी प्लांट न चले, न उड़े धूल डस्ट.!
– समस्याओं को लेकर.! चोर सिपाही का खेल आखिर कब तक.!
– आखिर क्यों-अधिकारियों के दौरे के दौरान बंद करा दिए जाते हैं प्लांट.!
– भ्रष्ट अधिकारियों एवं प्रदूषण विभाग पर हो सख्त कार्यवाही.!
सोनभद्र- वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला का नजारा आप स्वयं देख ले, प्रतिदिन प्रदूषण का हाल.! इसे आप क्या कहेंगे.!
Media House सोनभद्र/लखनऊ-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर चोपन सोनभद्र कार्यक्रम में शामिल होना है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। वाराणसी शक्तिनगर मुख्य मार्ग बारी डाला पर प्रतिदिन दिखने वाला भयंकर धूल डस्ट प्रदूषण पर पूरी तरह से नियंत्रण होना, क्रशर प्लांटों के संचालक पर रोक लगना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है कि यह होता है नियम कानून.! अगर प्रशासन चाहे तो बिना नियम कानून के एक प्लांट नहीं चल सकता.! मुख्यमंत्री के आगमन का भय का असर आज दिखने लगा है.! अगर यही नियम कानून पहले से ही जिला प्रशासन प्रदूषण विभाग द्वारा सक्रियता से लागू किया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती.!
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों एवं जनता के समस्याओं का निदान न करने वाले भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के ऊपर सख्त कार्रवाई के आदेश निर्देश के बाद भी समस्याओं का समाधान न होना चिंता व चर्चा विषय बन गया है.!
मुख्यमंत्री के चोपन सोनभद्र आगमन को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि मुख्यमंत्री जी आप स्वयं देख ले, ये है वाराणसी शक्ति नगर मुख्य मार्ग बारी डाला व प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री के इलाके एवं आवासीय क्षेत्र का हाल.! प्लांटों के प्रदूषण की गंभीर स्थिति हमेशा बनी रहती है.! जब किसी भी मंत्री वीआईपी अधिकारियोंका दौरा होता है तो सभी प्लांटों को बंद करा दिया जाता है और जाने के बाद पुनः चालू कर दिया जाता है फिर भी विभागीय अधिकारी उक्त मामले को गंभीरता से नहीं लेते है।
सोनभद्र-राज्य मंत्री ने 4 साल पहले प्रदूषण की समस्या पर गंभीर सवाल उठाए थे। वह दिन और आज का दिन.!
जो विगत लगभग 4 वर्षों से निरंतर चला आ रहा है.! किंतु आज तक प्लांटो के प्रदूषण, सड़कों के प्रदूषण पर स्थाई रूप से जिला प्रशासन एवं प्रदूषण विभाग द्वारा न ही सख्त कार्रवाई की जा रही है, न ही समस्याओं निदान कराया जा रहा है, स्थानीय जनता पूरी तरह से त्रस्त है, लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवन के साथ निरंतर खिलवाड़ किया जाना, विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली संदिग्ध हो गई है। अगर जिला प्रशासन चाहे ले तो बिना मानक नियम कानून के एक भी प्लांट का संचालन नहीं हो सकता.! न ही प्रदूषण फैल सकता है.!
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नियमानुसार समस्त क्रशर प्लांट संचालक प्रदूषण विभाग के मानकों गाइडलाइन को पूर्ण कर प्रदूषण मुक्त वातावरण में निरंतर प्लांटों का संचालन हो.! ताकि आसपास के क्षेत्र की हजारों लाखों जनता पर्यावरण प्रदूषण मुक्त वातावरण में अपने परिवार बच्चों के साथ जीवन यापन कर निवास कर सके। कोई मंत्री नेता अधिकारी आए जाए कोई फर्क उद्योग पर नहीं पड़ेगा.! न ही बंद करने की नौबत आएगी.! इसके लिए मुख्यमंत्री को सख्त पहल करते हुए पर्यावरण प्रदूषण एवं स्थानीय समस्याओं को भी गंभीरता लेना चाहिए ताकि समस्याओं का स्थाई रूप से समाधान हो सके।
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