मौलानाओं के दबाव में हैं उद्धव ठाकरे : संजय निरुपम

मुंबई, 16 अगस्त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा वक्फ बोर्ड और धार्मिक स्थलों के संबंध में दिए बयान को लेकर संजय निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

संजय निरुपम ने कहा, “अगर उद्धव ठाकरे ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया होता, तो देश का हिंदू उनके साथ होता, लेकिन उन्होंने इसका विरोध करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वे मौलनाओं के दबाव में हैं। उन्हें मुस्लिम वोट चाहिए। वे अब मुस्लिम वोटों के लिए लाचार हो चुके हैं।”

उन्होंने कहा, “अब उद्धव ठाकरे को एक नया सहयोगी मिल चुका है, वो हैं ओवैसी साहब की पार्टी एआईएमआईएम। ओवैसी की पार्टी और यूबीटी के बीच एक नया चुनावी समीकरण बनना शुरू हुआ है। इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई।”

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि वो किसी को भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति और हिंदुओं के धार्मिक स्थल पर हाथ नहीं लगाने देंगे। यह किसी बोर्ड का सवाल नहीं है, बल्कि मंदिरों का मामला है। जैसा कि शंकराचार्य ने कहा कि केदारनाथ मंदिर का 200 किलो सोना चोरी हुआ था, तो मैं मांग करता हूं कि इसकी जांच होनी चाहिए।

बीते दिनों केंद्र सरकार ने लोकसभा में वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया था। यह विधेयक वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी और पारदर्शिता बढ़ाने के मकसद से था। विधेयक में वक्फ की ओर से संपत्ति के दावों की जांच करने और बोर्ड में महिलाओं को शामिल करने की अनिवार्यता पर जोर दिया गया था। केंद्र सरकार ने दावा किया था कि मुस्लिम समुदाय की ओर से उठ रहे सवालों को ध्यान में रखते हुए लोकसभा में यह विधेयक लाने का फैसला किया गया था। वहीं, वक्फ बिल पर विस्तारपूर्वक चर्चा के लिए इसे संसद की संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज द‍िया गया है।

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–आईएएनएस

एसएचके/सीबीटी

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