प्रदूषण की गंभीर स्थिति-क्रशर प्लांटों के प्रदूषण से त्रस्त महिलाएं पहुची राज्यमंत्री के आवास, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग.!
15 क्रशर प्लांट ही क्यों.! प्रदूषण फैलाने वाले समस्त प्लांटों पर सख्त कार्रवाई हो.!

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 4ता.डाला सोनभद्र- मुख्यमंत्री, राज्यमंत्री, जिलाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सख्त आदेश निर्देश के बाद भी खुलेआम क्रशर प्लांट संचालकों द्वारा सभी नियम कानून को ताक पर रखकर खुलेआम प्लांटों का संचालन करते हुए भयंकर प्रदूषण फैलाये जाने पूरे क्षेत्र की जनता एकदम त्रस्त है। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते व देखते हुए भी मौन बने रहने से स्थानीय लोगों का घरों में रहना, सड़कों पर चलना मुश्किल होता जा रहा है प्रदूषण से तेजी से रोग फैल रहा है बावजूद उसके प्लांट संचालक नहीं मान रहे हैं खुलेआम बिना पानी छिड़काव के प्लांटों का संचालन कर रहे हैं। जिला अधिकारी को प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदूषण से त्रस्त बारी डाला की ग्रामीणों महिलाओं ने समाज कल्याण मंत्री संजीव सिंह गौड़ के आवास के पर पहुंचकर विरोध आक्रोश व्यक्त कि ग्रामीणों के अनुसार क्रशर प्लांटों के संचालन में सभी नियम कानूनों को ताक पर रखकर कार्य करवाया जा रहा है आखिर यह किसके संरक्षण में चल रहा है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि सुबह होते ही ना तो हम बाहर टहल सकते हैं और न ही कपड़े डाल सकते हैं आलम यह है कि धूल पुरे घर में घुस जा रहा है जिससे पुरा खाना पीना घर आंगन धूल डस्ट से भर जाता है। स्थिति देखना हो तो सड़क पर जाकर देख लिजिए क्रशर प्लांटों के संचालन का कोई समय नहीं है और ना ही पानी का छिड़काव किया जा रहा है बाड़ी क्षेत्र में धूल का परत चारों तरफ फैला रहता है। बच्चों और बुजुर्गों में स्वस्थ सम्बंधित गंभीर बिमारी से तस्त व परेशान होते जा रहे है उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंचे ओबरा एसडीएम ने लोगों को शांत करवाया तथा लोगों के दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

एसडीएम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जानकारी प्राप्त हुआ की ग्रामीणों द्वारा क्रशर प्लांटों के धूल तथा प्रदूषण को लेकर एकजुट है तथा क्रशर प्लांटों के संचालन तो हो रहा है लेकिन पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है जिससे धूल इनके घरों में प्रवेश कर जा रहा हैं। जिसमें 15 क्रशर प्लांटों का नाम दिया है प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को उन नामो को भेज दिया गया है तथा क्रशर प्लांटों का मुआयना करवाया जा रहा है जांच उपरांत जो क्रशर प्लांट गलत पाए जाते हैं उनके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मौके पर शांति, धनपत ,सुमित्रा देवी,मालती, परमशीला ,रेशमी, किरण ,कलावती, कलावती देवी, गुड्डी, प्रभावित,गुड्डी देवी,राम अवध, महेंद्र सिंह,टाटा चौधरी,विजय,पन्नालाल आदि दर्जनों ग्रामीणों मौजूद रहे। मौके पर डाला चौकी मय फोर्स के साथ और क्षेत्रीय लेखपाल ओम प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।
सूत्रों की माने तो विभाग द्वारा 15 क्रशर प्लांट ही क्यों.! प्रदूषण फैलाने वाले व नियमों का पालन न करने वाले समस्त प्लांटों पर कार्रवाई हो.! सिर्फ बार-बार कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है जांच आता है तो सभी प्लांटों को बंद कर दिया जाता है और जाने के बाद चालू हो जाता है क्षेत्र के प्रदूषण के गंभीर समस्या का हालात सबके सामने हैं जब भी क्रशर प्लांट चले तो प्लांटों पर रेगुलर पानी के छिड़काव हो व प्लांटों का बाउंड्री वॉल हो, टीन सेंड लगे, कन्वेयर पर पर्द लगे, कैंपस व सड़कों पर रेगुलर पानी का छिड़काव किया जाना अनिवार्य हो, जो प्लांट मालिक नियमों का पालन ना करें प्रदूषण फैलाए उन समस्त प्लांट संचालकों के ऊपर एनजीटी, सीपीसीबी, जिलाधकारी के दिशा निर्देशन के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सरकार का नियम कानून सभी के लिए है सभी लोग नियमों का पालन कर रेगुलर उद्योग का संचालन करें ताकि प्रदूषण न फैले स्थानीय जनता स्वच्छ वातावरण में अपना जीवन यापन कर निवास कर सके।










