‘‘भारतरत्न इंजीनियर मोक्षगुण्डम् विश्वेश्वरैया जी“ की प्रतिमा का अनावरण

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 14ता.लखनऊ-भारत के महान् इंजीनियर भारतरत्न मोक्षगुण्डम् विश्वेश्वरैया जी के 163वें जन्म दिवस के अवसर पर दिनांक 15 सितम्बर, 2023 को ‘‘अभियंता दिवस समारोह‘‘ का आयोजन 96, महात्मा गाॅधी मार्ग, लखनऊ स्थित ‘‘विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह‘‘ में किया जायेगा। उ0प्र0 इंजीनियर्स एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष के अवसर पर एसोसिएशन द्वारा भारतरत्न इं0 मोक्षगुण्ड्म विश्वेश्वरैया जी की देश की प्रथम 3 D Printing Technology से निर्मित धातु की आदमकद प्रतिमा तैयार करायी गयी है, जिसका अनावरण लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के प्रांगण में प्रातः 11.00 बजे जितिन प्रसाद, मंत्री, लोक निर्माण, उत्तर प्रदेश सरकार व बृजेश सिंह, राज्यमंत्री, लोक निर्माण, उ0प्र0 सरकार द्वारा किया जायेगा। तदुपरान्त प्रातः 11.30 बजे से ‘‘विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह‘‘ में ‘‘अभियंता दिवस समारोह‘‘ का आयोजन किया जायेगा। अभियंता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री, जल शक्ति, उ0प्र0 सरकार एवं जितिन प्रसाद, मंत्री, लोक निर्माण, उ0प्र0 सरकार तथा अति विशिष्ट अतिथि  बृजेश सिंह, राज्यमंत्री, लोक निर्माण, उ0प्र0 सरकार होंगे। इस अवसर पर एसोसिएशन की पत्रिका न्यूजलेटर के ‘‘विश्वेश्वरैया विशेषांक‘‘ का विमोचन भी मुख्य अतिथि द्वारा किया जायेगा। उक्त समारोह में प्रदेश के समस्त अभियंत्रण विभागों/निगमों/सार्वजनिक उपक्रमों के अभियंता अधिकारी प्रतिभाग करेंगे।

सायं 05.00 बजे से विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह, लोक निर्माण परिसर, लखनऊ में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जायेगा, जिसमें समस्त अभियंत्रण विभागों/निगमों/सार्वजनिक उपक्रमों के विभागाध्यक्ष/प्रमुख अभियंता व एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित अभियंता अधिकारी सपरिवार उपस्थित होंगे।

‘‘भारतरत्न इं0 मोक्षगुण्डम् विश्वेश्वरैया जी‘‘ मानव इतिहास मंे एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अभियंत्रण की विधा से राश्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। देश को कुशल प्रबन्ध एवं नियोजन के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा देने का श्रेय इं0 विश्वेश्वरैया को ही जाता है। अपनी विलक्षण प्रतिभा, दूरदर्शिता एवं कड़े परिश्रम से देश को विकासोन्मुख दिशा प्रदान करने के कारण वर्श 1955 में सर् मोक्षगुण्डम् विश्वेश्वरैया को इस देश के सर्वोच्च सम्मान ‘‘भारतरत्न‘‘ से अलंकृत किया गया था। 14 अपै्रल, 1962 को अपने देश को सम्पन्न एवं स्वावलम्बी बनाने को समर्पित जीवन का समापन करके विश्वेश्वरैया जी ने अपने पार्थिक शरीर को त्याग दिया। आज यद्यपि वे हमारे बीच नहीं हैं फिर भी उनके द्वारा समय की रेत पर छोड़े गये अनगिनत निशान हमें उनकी याद दिलाते रहेंगे। उनके सम्मान में ही देश भर में उनके जन्मदिन को ‘‘अभियंता दिवस‘‘ के रूप में मनाया जाता है।

अधिकारी कार्यों में लापरवाही, उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया तो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ए के शर्मा 

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