महाराष्ट्र मे बिहार के सात मजदूरों को बंधक बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया,परिजनों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी से न्याय की गुहार लगाई

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 16ता.महाराष्ट्र के सांगली में बिहार के सात मजदूरों को बंधक बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है. मामला शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र अंतर्गत रेवता गांव का है. बंधक बनाए गए मजदूरों के परिजनों ने समाहरणालय पहुंचकर एसपी कार्तिकेय शर्मा से मिलकर बंधक बनाए गए मजदूरों को सुरक्षित लाने की गुहार लगाई है. पीड़ित परिजनों ने बताया कि उनके तीन सगे भाई और चार पड़ोसी को रोजगार दिलाने के नाम पर लखीसराय जिले के रामगढ़ गांव निवासी गोरेलाल मांझी सभी को महाराष्ट्र ले गया था. जो महाराष्ट्र में ठेकेदारी का काम करता है.45 दिनों से सभी को बनाया हुआ है बंधक परिजनों ने बताया कि पिछले 45 दिनों से सभी को बंधक बनाकर जबरदस्ती काम करवाया जा रहा है. यहां तक की काम के बदले पैसे मांगने पर उनके साथ मारपीट और गाली गलौज भी किया जा रहा है. वे लोग महाराष्ट्र के अलग-अलग कंपनी जैसे संतोष रामचंद्र बागमोरे सतीश रामचंद्र, बागमोरे हाईटेक नर्सरी सहित छोटी-छोटी कंपनियों में काम कर रहे थे. जहां उन्हें बंधक बनाया हुआ है. परिजनों ने बताया कि बंधक बनाए गए मजदूरों ने परसों रात चुपके से मौका निकालकर अपने परिवार वालों को फोन करके सारी जानकारी दी.एसपी से न्याय की लगाई गुहार इस मामले में सभी परिजनों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन एसपी ने सभी को श्रम अधीक्षक कार्यालय जाने को कह दिया. जहां से उनकी समस्याओं का निदान हो सकता है. परिजनों ने श्रम अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत कराया है.









