खान मंत्रालय ने चक्रीय अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा देने के लिए ‘विशेष अभियान 6’

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी नई दिल्ली-केन्द्रीय खान मंत्रालय, जिम्मेदार ई-कचरा प्रबंधन, संसाधन पुनर्प्राप्ति और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए ‘विशेष अभियान 6’ के तहत अपने ई-कचरा संग्रहण अभियान को मजबूत कर रहा है।

इस अभियान का समन्वय और कार्यान्वयन नागपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी) के माध्यम से किया जा रहा है। इसे इस अभियान के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। यह अभियान मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमआरएआई) के सहयोग से चलाया जा रहा है। खान मंत्रालय से संबद्ध विभिन्न कार्यालयों और संगठनों द्वारा अनेक स्थानों पर ई-कचरा संग्रहण एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

देशभर में 44 से अधिक कार्यालय स्थलों को इस अभियान के लिए अंतिम रूप दिया गया है। अकेले महाराष्ट्र में 28 से अधिक स्थानों की पहचान ई-कचरा संग्रहण के लिए की गई है। कार्यालयों और संगठनों की व्यापक भागीदारी ई-कचरे के जिम्मेदार संग्रहण और निपटान को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों को दर्शाती है। नई दिल्ली स्थित खान मंत्रालय का कार्यालय भी इस अभियान के तहत चिन्हित संग्रहण स्थलों में शामिल है। विभिन्न सहभागी स्थलों पर एकत्रित ई-कचरे को उपयुक्त तंत्र के माध्यम से जिम्मेदार पुनर्चक्रण और संसाधन पुनर्प्राप्ति के लिए भेजा जाएगा।

ई-कचरा केवल कचरा नहीं है, बल्कि यह मूल्यवान द्वितीयक संसाधनों का एक संभावित स्रोत भी है। कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में ऐसे खनिज और धातुएं मौजूद होती हैं जो आधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, ई-कचरे से पुनर्चक्रण और संसाधनों की पुनर्प्राप्ति संसाधन दक्षता में योगदान दे सकती है और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती है। जिम्मेदार पुनर्चक्रण मूल्यवान सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति में मदद मिल सकती है, प्राथमिक खनिज संसाधनों पर दबाव कम हो सकता है और संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है।

साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं ‘पुलिस’ और ‘पब्लिक ऑर्डर’ राज्य के विषय हैं।

अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रारंभिक गतिविधियों के तहत जेएनएआरडीडीसी ने खान मंत्रालय के अधीन विभिन्न कार्यालयों और संगठनों के नामित नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल समन्वय बैठकें आयोजित की हैं। इनमें भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम), नेशनल रॉक मैकेनिक्स इंस्‍टीट्यूट (एनआईआरएम), नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (एनएएलसीओ), हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल), मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) शामिल हैं।

मंत्रालय और इसके क्षेत्रीय कार्यालय और संगठन कर्मचारियों एवं हितधारकों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता गतिविधियां, अभियान और प्रतियोगिताएं भी आयोजित कर रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य ई-कचरे के ज़िम्मेदार निपटान के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा, जहां भी संभव हो, त्यागे गए इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उत्पादों के पुन: उपयोग, पुन: प्रयोजन और पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित करना है।

इस अभियान के माध्यम से मंत्रालय संसाधनों के संरक्षण में जन भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है तथा ई-कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और उससे सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति के लिए जिम्मेदार तौर-तरीकों (विधियों) को प्रोत्साहित कर रहा है। यह पहल सतत संसाधन प्रबंधन, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और चक्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में ‘विशेष अभियान 6’ के व्यापक उद्देश्यों को भी सुदृढ़ करती है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *