ओबरा ‘सी’ परियोजना-पहली इकाई के सफलता के बाद अब दूसरी इकाई को सफलतापूर्वक ग्रिड से जोड़ दिया गया।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-प्रदेश की बढ़ती बिजली ख़पत को पूरा करने के लक्ष्य से सूबे की योगी सरकार ने कई जिलों में नई बिजली इकाईया लगाने के लिए जुटी हुई हैं। इसमें से एक महत्वकांक्षी परियोजना ओबरा ‘सी’ परियोजना हैं। पहली इकाई के सफलता के बाद अब दूसरी इकाई को 6 मार्च 2025 को सफलतापूर्वक ग्रिड से जोड़ दिया गया। जिससे सूबे को 660 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी।

मुख्य महाप्रबंधक की देखरेख में गुरुवार की सुबह 10:26 बजे ‘सी’ परियोजना की दूसरी इकाई को तेल और कोयले पर समकालित किया गया। जिसके बाद सभी सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरे पर ख़ुशी की साफ झलक देखने को मिली।
इससे पहले 30 मार्च 2024 को इकाई का बॉयलर हाइड्रो टेस्ट और 31 मार्च को बॉयलर लाइट-अप किया गया था। बता दे कि कोरोना महामारी के कारण देरी का सामना कर रही इस परियोजना पर उत्तर प्रदेश सरकार और निगम मुख्यालय की विशेष नजर रही।

समकालन के दौरान तकनीकी सलाहकार इंजीनियर अजीत कुमार तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक आर.के. अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। खास बात यह हैं कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इकाई का भार धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान मुख्य महाप्रबंधक आर.के. अग्रवाल ने बताया कि यह उपलब्धि निगम, दूसान और उनके वेंडर्स के कुशल इंजीनियरों और कर्मचारियों के प्रयासों का जीता जागता परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह विश्वसनीय बिजली आपूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गौरतलब है कि ओबरा ‘सी’ की पहली इकाई 9 फरवरी 2024 से वाणिज्यिक उत्पादन कर कई क्षेत्रों को रोशन कर रही है। वही दूसरी इकाई के चालू होने से सूबे को 660 मेगावाट अतिरिक्त बिजली प्राप्त होगी। इस परियोजना की शुरुआत दिसंबर 2016 में हुई थी, जिसमें कुल 2×660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां स्थापित की गई हैं।

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